सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे
तीसरी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची
- 11 Apr 2022
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 7 अप्रैल, 2022 को 101 वस्तुओं की तीसरी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (Third positive indigenisation list) जारी की, जिसमें प्रमुख हथियार/प्रणाली/उपकरण/प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

(Image Source: https://twitter.com/SpokespersonMoD)
महत्वपूर्ण तथ्य: रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग द्वारा अधिसूचित सूची, उन हथियारों/ उपकरणों / प्रणालियों पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है, जिन्हें अगले पांच वर्षों में विकसित और अनुबंध पर तैयार किया जाएगा।
- इन हथियारों और प्लेटफार्मों को दिसंबर 2022 से दिसंबर 2027 तक उत्तरोत्तर स्वदेशी बनाने की योजना है।
- इन 101 वस्तुओं को अब से रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 के प्रावधानों के अनुसार स्थानीय स्रोतों से खरीदा जाएगा।
- 101 वस्तुओं की पहली सूची और 108 वस्तुओं की दूसरी सूची के आधार पर तीसरी सूची को तैयार किया गया है। पहली और दूसरी सूची को क्रमश: 21 अगस्त, 2020 और 31 मई, 2021 को जारी किया गया था।
- तीसरी सूची में नौसेना उपयोगिता हेलीकॉप्टर, हल्के टैंक, छोटे मानव रहित हवाई वाहन, जहाज-रोधी मिसाइल, सेंसर, हथियार और गोला-बारूद, रॉकेट, गश्ती जहाज और विकिरण-रोधी मिसाइल शामिल हैं।
सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची के बारे में: सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची का अनिवार्य रूप से मतलब है कि सशस्त्र बल- सेना, नौसेना और वायु सेना केवल घरेलू निर्माताओं से सूचीबद्ध वस्तुओं की खरीद करेंगे। निर्माता निजी क्षेत्र की कंपनियां या रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हो सकते हैं।


