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कोयला गैसीकरण


6 मई, 2022 को 'कोयला गैसीकरण' पर आयोजित निवेशक सम्मेलन के दौरान कोयला मंत्रालय ने कोयला गैसीकरण (coal gasification) को प्रोत्साहन देने के लिए राजस्व साझाकरण में 50% रियायत को स्वीकृति दी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: कोल इंडिया और फिक्की द्वारा 6 मई को मुंबई में 'कोयला गैसीकरण - आगे की राह' विषय पर निवेशक सम्मेलन का आयोजन किया गया।

  • इस निवेशक सम्मेलन सह कार्यशाला का उद्देश्य कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को प्रोत्साहित करना और इस क्षेत्र में कारोबारी सुगमता सुनिश्चित करना था।
  • भारत में 307 बिलियन टन तापीय कोयले का भंडार है और उत्पादित कोयले का लगभग 80% ताप विद्युत संयंत्रों में उपयोग किया जाता है।
  • पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 2030 तक 100 मीट्रिक टन कोयला गैसीकरण के लिए एक मिशन दस्तावेज तैयार किया है।
  • कोयले के दहन की तुलना में 'कोयला गैसीकरण' को स्वच्छ विकल्प माना जाता है।

कोयला गैसीकरण: यह कोयले को संश्लेषण गैस [जिसे सिनगैस (syngas) भी कहा जाता है) में परिवर्तित करने की प्रक्रिया है, जो हाइड्रोजन (H2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का मिश्रण है।

  • सिनगैस का उपयोग विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों में किया जा सकता है जैसे कि बिजली का उत्पादन और रासायनिक उत्पाद बनाना, जैसे कि उर्वरक।