पीआईबी न्यूज आर्थिक

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना 'राष्ट्रीय उन्नत रसायन बैट्री भंडारण कार्यक्रम'


12 मई, 2021 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना ‘राष्ट्रीय उन्नत रसायन बैट्री भंडारण कार्यक्रम’ [PLI Scheme National Programme on Advanced Chemistry Cell (ACC) Battery Storage] को मंजूरी दे दी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस योजना के तहत 50 गीगावाट घंटा उन्नत रसायन सेल (ACC) और पांच गीगावाट घंटा की विशिष्ट ACC बैट्री की विनिर्माण क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी लागत 18,100 करोड़ रुपये है।

  • गीगावाट घंटा का अर्थ एक अरब वॉट ऊर्जा प्रति घंटा निर्माण करना है।
  • ACC उन्नत भंडारण प्रौद्योगिकियों की नई पीढ़ी है, जो विद्युत ऊर्जा को या तो विद्युत रासायनिक या रासायनिक ऊर्जा के रूप में संग्रहीत कर सकते हैं और इसे आवश्यकतानुसार पुन: विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर सकते हैं।
  • योजना के तहत ACC बैट्री निर्माण से विद्युत चालित वाहन (ईवी) को प्रोत्साहन मिलेगा और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी, जिसके कारण 2,00,000 करोड़ रुपये से 2,50,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।
  • एसीसी बैट्री भंडारण निर्माण परियोजनाओं में लगभग 45,000 करोड़ रुपये का सीधा निवेश होगा तथा हर वर्ष लगभग 20,000 करोड़ रुपये का आयात बचेगा।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

विधिक माप-पद्धति (पैक की हुई वस्तुएं) नियम 2011


केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल, 2021 को विधिक माप-पद्धति (पैकेजिंग नियम 2011) के तहत मंजूरी के लिए शर्तों में ढील देकर महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों के आयात को आसान बनाया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: विधिक माप-पद्धति (पैक की हुई वस्तुएं), नियम 2011 के अंतर्गत, आयात करने से पहले अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य है।

  • लेकिन, कोविड-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए और चिकित्सा उपकरणों की मांग को पूरा करने के लिए भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा चिकित्सा उपकरणों के आयातकों को तीन महीने के लिए, कुछ निश्चित चिकित्सा उपकरणों के आयात की अनुमति दी गई है।

विधिक माप-पद्धति अधिनियम 2009: विधिक माप-पद्धति अधिनियम 2009 (Legal Metrology Act 2009) का प्रबंधन उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा किया जाता है।

  • यह अधिनियम, मापक और माप उपकरणों पर वैधानिक अनिवार्यताओं को लागू करने का प्रावधान करता है।
  • विधिक माप-पद्धति का उद्देश्य, तौल और माप की सटीकता एवं सुरक्षा की दृष्टि से सार्वजनिक गारंटी सुनिश्चित करना है।

अन्य तथ्य: विधिक माप-पद्धति (पैक की हुई वस्तुएं), नियम 2011 मुख्य रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए है, कि उपभोक्ता पूर्व-पैक वस्तुओं को खरीदने से पहले इन पर लिखी आवश्यक घोषणाओं के बारे में पढ़े और सही विकल्प चुनने में सक्षम हो।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

देहरादून और मसूरी के बीच हवाई यात्री रोपवे प्रणाली


12 मई, 2021 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने देहरादून और मसूरी के बीच हवाई यात्री रोपवे प्रणाली के निर्माण हेतु मसूरी स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 1500 वर्ग मीटर भूमि को उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित करने को अपनी मंजूरी दे दी हैI

महत्वपूर्ण तथ्य: प्रस्तावित रोपवे 5580 मीटर लंबाई का मोनो-केबल रोपवे है, जो सार्वजनिक निजी भागेदारी (पीपीपी) के तहत बनाया जाएगाI

इसका निचला टर्मिनल स्टेशन देहरादून के पुर्कुल गांव में होगा और ऊपरी टर्मिनल स्टेशन लाइब्रेरी, मसूरी में होगाI

285 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस रोपवे की ढुलाई क्षमता एक दिशा से 1000 यात्री प्रति घंटा होगीI

इसके अतिरिक्त, इस परियोजना से 350 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने के साथ ही 1500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगाI

पीआईबी न्यूज अंतरराष्ट्रीय

भारत और कतर समझौता


केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 12 मई, 2021 को ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (ICAI) और ‘कतर फाइनेंशियल सेंटर अथॉरिटी’ (QFCA) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को स्वीकृति प्रदान की।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस एमओयू से कतर में लेखांकन पेशे और उद्यमशीलता आधार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मिलकर काम करने के लिए संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगा।

कार्यान्वयन रणनीति और लक्ष्य: ICAI, QFCA के साथ मिलकर कतर में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय पेशेवर, उद्यमी और विद्यार्थियों को शिक्षित एवं तैयार करेगा।

ICAI और QFCA परस्पर सहमति के आधार पर राउंडटेबल, नेटवर्किंग कार्यक्रमों आदि के आयोजन के द्वारा कतर में भारतीय कारोबारियों के लिए अवसर तलाशने के लिए मिलकर काम करेंगे।

कतर फाइनेंशियल सेंटर अथॉरिटी: QFCA एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है, जो कतर में विश्व स्तरीय वित्तीय और व्यावसायिक केन्द्र के रूप में ‘कतर फाइनेंशियल सेंटर’ के विकास और प्रोत्साहन के लिए जिम्मेदार है।

अन्य तथ्य: ICAI भारत की संसद द्वारा पारित अधिनियम ‘द चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एक्ट, 1949’ के तहत स्थापित एक सांविधिक निकाय है और भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंसी व्यवसाय को नियंत्रित करता है। ICAI की एक सक्रिय इकाई दोहा, कतर में है, जिसकी स्थापना वर्ष 1981 में की गई थी।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

साइबर अपराध स्वयंसेवक कार्यक्रम


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि, ‘पुलिस’ संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत एक ‘राज्य का विषय’ है, इसलिए वह ‘साइबर अपराध स्वयंसेवक कार्यक्रम’(cybercrime volunteer programme) के तहत नामांकित होने वाले स्वयंसेवकों की केंद्रीकृत सूची नहीं बनाता है।

महत्वपूर्ण तथ्य: गृह मंत्रालय ने कहा कि इस बारे में, संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से सीधे जानकारी मांगी जा सकती है।

साइबर अपराध स्वयंसेवक कार्यक्रम: भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cyber Crime Coordination Centre- I4C) द्वारा देश की सेवा करने का जूनून रखने वाले नागरिकों को एक साथ एक मंच पर लाने और देश में साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में योगदान करने हेतु ‘साइबर अपराध स्वयंसेवी कार्यक्रम’ की परिकल्पना की गई है।

  • संबंधित राज्य / संघ शासित क्षेत्रों द्वारा, आवश्यकतानुसार, स्वयंसेवकों को पंजीकृत और उनकी सेवाओं का उपयोग किया जाता है।

अन्य तथ्य: भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय स्तर पर एक नोडल बिंदु के रूप में कार्य करने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) के तहत की गई है। I4C की स्थापना की योजना 415.86 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ अक्टूबर 2018 में अनुमोदित की गई थी।

सामयिक खबरें पर्यावरण

वैश्विक वन लक्ष्य रिपोर्ट 2021


संयुक्त राष्ट्र के ‘आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग’ द्वारा 26 अप्रैल, 2021 को ‘वैश्विक वन लक्ष्य रिपोर्ट 2021’ (The Global Forest Goals Report 2021) जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट ‘संयुक्त राष्ट्र की वनों के लिए रणनीतिक योजना 2030' (United Nations Strategic Plan for Forests 2030) के भीतर निहित छ: वैश्विक वन लक्ष्यों और उनके 26 संबद्ध उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति का प्रारंभिक अवलोकन प्रदान करती है।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष: रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी ने देशों को उनके वनों को प्रबंधित करने में आने वाली चुनौतियों को बढ़ा दिया है।

  • वनों पर निर्भर आबादी को नौकरी-खोने, आय में कमी, बाजारों और सूचना तक पहुँच में कमी तथा कई महिलाओं और युवाओं को मौसमी रोजगार में कमी का सामना करना पड़ा है।
  • कोविड-19 की वजह से कई जिंदगियाँ और आजीविकाएं खत्म हो चुकी हैं, अत्यधिक गरीबी, असमानता और खाद्य असुरक्षा की स्थितियां भी उत्पन्न हुई हैं और इसने ‘हमारे इच्छित भविष्य’ (Future We Want) को हमारी पहुंच से और दूर कर दिया है।
  • कई वन आश्रित आबादी, विशेष रूप से दूरदराजया दुर्गम स्थानों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवा तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
  • अनुमान के अनुसार वर्ष 2020 में, विश्व सकल उत्पाद में लगभग 4.3% तक की गिरावट हुई है। यह वैश्विक महामंदी के बाद से वैश्विक उत्पादन में सबसे तीव्र संकुचन है।
  • अनुमानित 1.6 बिलियन लोग, या वैश्विक जनसंख्या का 25%, अपनी निर्वाह आवश्यकताओं, आजीविका, रोजगार और आय के लिए वनों पर निर्भर हैं।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप निधन

वयोवृद्ध उर्दू समीक्षक प्रोफेसर शमीम हनफी का निधन


  • वयोवृद्ध उर्दू समीक्षक, लेखक और कवि, प्रोफेसर शमीम हनफी का 6 मई, 2021 को नई दिल्ली में निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे।
  • प्रोफेसर हनफी जामिया मिलिया इस्लामिया के साथ प्रोफेसर एमेरिटस के रूप में जुड़े थे।
  • उर्दू साहित्य में आधुनिकतावादी आंदोलन के समर्थक, प्रोफेसर हनफी ने साहित्यिक आलोचना, बच्चों के लिए नाटकों और पुस्तकों पर कई किताबें लिखीं।
  • उन्होंने अबुल कलाम आजाद की पुस्तक 'इंडिया विन्स फ्रीडम' (India Wins Freedom) का भी अनुवाद किया।
  • उन्हें 2015 में भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रथम ज्ञानगरिमा मानद अलंकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें मौलाना अबुल कलाम आजाद पुरस्कार, दिल्ली का उर्दू अकादमी पुरस्कार और गालिब पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप समझौते/संधि

ट्राइफेड और द लिंक फंड के बीच एमओयू


29 अप्रैल, 2021 को ट्राइफेड ने "भारत में जनजातीय परिवारों की टिकाऊ आजीविका" संबंधी एक परियोजना पर सहयोग के लिए जनहित में कार्यरत संस्था ‘द लिंक फंड’ (The LINK Fund) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

उद्देश्य: जनजातीय समूहों में अति गरीबी को दूर करना और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करना।

इसके अंतर्गत दोनों संगठन साथ मिलकर जनजातीय समूहों के विकास और उनके द्वारा निर्मित किए जा रहे उत्पादों में गुण संवर्धन हेतु मदद उपलब्ध कराकर रोजगार सृजन, टिकाऊ आजीविका के लिए कार्य करने के साथ-साथ उनकी आय बढ़ाने हेतु मूल्य संवर्धन, कौशल प्रशिक्षण और सूक्ष्म वन उत्पादों के लिए गुण संवर्धन, उनके द्वारा तैयार किए जा रहे वन उत्पादों में विविधिकरण के लिए तकनीकी हस्तक्षेप से सहायता उपलब्ध कराएंगे।

‘द लिंक फंड’ संस्था का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा में स्थित है, जो अत्यंत पिछड़े समुदायों में गरीबी उन्मूलन तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए काम करती है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस


11 मई

2021 का विषय/अभियान: एक सतत भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science and technology for a sustainable future)।

महत्वपूर्ण तथ्य: देश में नवाचारों और प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता की उपलब्धियों के स्मरण में हर साल यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य है क्योंकि 11 मई, 1998 को भारत ने पोखरण में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया था।