पीआईबी न्यूज आर्थिक

भैंस के मांस का निर्यात


मई 2021 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत ‘कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के अनुसार भैंस के मांस के मामले में भारत अंतरराष्ट्रीय संगठनों के निर्देशों का पालन करने के साथ-साथ गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण प्रबंधन प्रणालियों के अनुरूप काम कर रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य: भारत से भैंस के मांस का आयात करने वाले प्रमुख देश हांग कांग, वियतनाम, मलेशिया, मिस्र, इंडोनेशिया, ईराक, सऊदी अरब, फिलीपीन्स और संयुक्त अरब अमीरात हैं।

  • किसी भी जोखिम से बचने के लिए भैंस के मांस का प्रसंस्करण और निर्यात ‘विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन’ (OIE) के निर्देशों के अनुरूप ही किया जाता है।
  • भारत से केवल ‘हड्डी रहित भैंस के मांस’ (boneless buffalo meat) का निर्यात करने की अनुमति है, जोकि सुरक्षित और किसी भी प्रकार के जोखिम से मुक्त है।
  • भारत सरकार ने पशुधन में होने वाले विभिन्न रोगों के नियन्त्रण और उनके उन्मूलन हेतु जून 2019 में ‘राष्ट्रीय पशु रोग नियन्त्रण कार्यक्रम’ शुरू किया है, जिसके तहत 2025 तक ‘मुंह और खुरपका रोग’ (Foot & Mouth Disease- FMD) और ‘ब्रूसिलोसिस’ को नियन्त्रण में लाया जाएगा और 2030 तक टीकाकरण के द्वारा इनका उन्मूलन किया जाएगा।
  • OIE, WHO और खाद्य एवं कृषि संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस आशय के निर्देश जारी किए हैं, जिनमें स्पष्ट किया गया है कि लोगों को किसी खाद्य पदार्थ अथवा पैकेट में बंद खाद्य पदार्थ से कोविड-19 संक्रमण होने की आशंका नहीं होती।

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चीन का नया महासागर अवलोकन उपग्रह ‘हैयांग-2 डी’


चीन ने 19 मई, 2021 को सभी-मौसम और चौबीसों घंटे गतिशील महासागर पर्यावरण निगरानी प्रणाली तैयार करने के अपने प्रयास के तहत एक नए महासागर निगरानी उपग्रह 'हैयांग-2 डी' (Haiyang-2D or HY-2D) को कक्षा में सफलतापूर्वक भेजा, जो समुद्री आपदाओं पर प्रारंभिक चेतावनी प्रदान करेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य: उपग्रह को 'लॉन्ग मार्च- 4बी रॉकेट' (Long March-4B rocket) द्वारा उत्तर पश्चिमी चीन में ‘जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर’ से लॉन्च किया गया था।

  • HY-2D, HY-2B और HY-2C उपग्रहों के साथ एक सभी-मौसम और उच्च आवृत्ति तथा मध्यम और बड़े पैमाने की गतिशील महासागर पर्यावरण निगरानी प्रणाली का निर्माण करने के लिए एक नक्षत्र समूह (constellation) का निर्माण करेगा।
  • यह समूह देश की प्रारंभिक चेतावनी और समुद्री आपदाओं की भविष्यवाणी, सतत विकास और समुद्री संसाधनों के उपयोग, वैश्विक जलवायु परिवर्तन के लिए प्रभावी प्रतिक्रिया के साथ-साथ महासागर अनुसंधान का समर्थन करेगा।
  • HY-2D को 'चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी' और इसे ले जाने वाले रॉकेट को ‘शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी' द्वारा विकसित किया गया था।
  • 'हैयांग-2 डी' लॉन्च ‘लॉन्ग मार्च रॉकेट’ शृंखला का 370वां लॉन्च था।

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57वां अक्षय ऊर्जा देश आकर्षण सूचकांक मई 2021


मई 2021 में वैश्विक संगठन ‘अर्न्स्ट एंड यंग’ (ERNST AND YOUNG) ने ‘57वां अक्षय ऊर्जा देश आकर्षण सूचकांक मई 2021’ (57th Renewable Energy Country Attractiveness Index May 2021) जारी किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह सूचकांक दुनिया के शीर्ष 40 बाजारों (देशों) को उनके अक्षय ऊर्जा निवेश और तैनाती के अवसरों के आकर्षण पर रैंकिंग प्रदान करता है।

  • यह सूचकांक 2003 में स्थापित किया गया था। शुरुआत में यह त्रैमासिक रूप से प्रकाशित किया जाता था, लेकिन अब यह वर्ष में दो बार प्रकाशित किया जाता है।
  • अक्षय ऊर्जा देश आकर्षण सूचकांक में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इससे पूर्व 56वें सूचकांक में भारत चौथे स्थान पर था।
  • भारत के सौर क्षेत्र के कोविड -19 महामारी के बाद उल्लेखनीय रूप से बढ़ने की संभावना है, 2040 से पहले ही सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) से उत्पादन कोयले से अधिक होने का अनुमान है।
  • यह नाटकीय परिवर्तन भारत सरकार की नीतिगत महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित है, जिसने सौर पीवी को इस क्षेत्र में बिजली का सबसे अधिक लागत वाला प्रतिस्पर्धी स्रोत बना दिया है।
  • वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारत में स्थापित सौर क्षमता लगभग 12% बढ़कर 39 गीगावाट हो गई।

वैश्विक परिदृश्य: अमेरिका ने सूचकांक में शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। चीन एक उत्साही बाजार बना हुआ है और 2020 में 72.4 गीगावाट नई पवन ऊर्जा जोड़कर दूसरे स्थान पर कायम है।

  • यूनाइटेड किंगडम सूचकांक में चौथे और फ्रांस पांचवें स्थान पर है।

अर्न्स्ट एंड यंग: अर्न्स्ट एंड यंग ग्लोबल लिमिटेड, जिसे आमतौर पर अर्न्स्ट एंड यंग के नाम से जाना जाता है, एक बहुराष्ट्रीय पेशेवर सेवा नेटवर्क है, जिसका मुख्यालय लंदन, इंग्लैंड में है।

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काजीरंगा में पशु गलियारे


असम के गोलाघाट और नागांव जिलों के अधिकारियों ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र के भीतर कम से कम तीन पशु गलियारों में वन भूमि, खुदाई और निर्माण गतिविधियों की अनुमति के मामलों की जांच शुरू कर दी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: ये दो जिले लगभग 1,300-वर्ग किमी.के विशाल क्षेत्रों को साझा करते हैं। टाइगर रिजर्व में नौ पहचाने गए पशु गलियारे हैं। इनमें से सात- अमगुरी, बागोरी, चिरांग, देवसुर, हरमाती, हाटीडंडी और कंचनजुरी नागांव जिले में हैं, जबकि हल्दीबाड़ी और पनबारी गलियारे गोलाघाट जिले में हैं।

  • ये गलियारे गैंडों, हाथियों, बाघों, हिरणों और अन्य जानवरों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो सुरक्षा के लिए मानसून के महीनों के दौरान बाढ़ काजीरंगा के बाढ़ वाले क्षेत्रों से निकलकर कार्बी आंगलोंग जिले की पहाड़ियों के सुरक्षित मार्गों से होते हुए राजमार्ग क्षेत्रों से दूर स्थित टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा क्षेत्रों में निवास करते हैं।
  • सबसे ज्यादा उल्लंघन नागांव जिले के ‘कंचनजुरी पशु गलियारे’ में हुआ है।
  • काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक विश्व धरोहर स्थल है, जो भारतीय एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है, इसे 1974 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया है।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री चमन लाल गुप्ता का निधन


पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वयोवृद्ध नेता चमन लाल गुप्ता का लंबी बीमारी के बाद 18 मई, 2021 को निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे।

  • 1972 में पहली बार जम्मू-कश्मीर विधान सभा के सदस्य बनने के बाद उनका पांच दशकों का एक शानदार राजनीतिक जीवन रहा। वे 2008 और 2014 के बीच फिर से जम्मू-कश्मीर विधान सभा के सदस्य बने थे।
  • वे 1996 में जम्मू के उधमपुर निर्वाचन क्षेत्र से 11वीं लोकसभा के लिए चुने गए और 1998 और 1999 में 12वीं और 13वीं लोक सभा के लिए फिर से चुने गए।
  • उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री के तौर पर भी काम किया था।

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आईएनएस राजपूत कार्यमुक्त


  • आईएनएस राजपूत को 21 मई, 2021 को विशाखापत्तनम के नौसेना गोदी में एक समारोह में कार्यमुक्त किया गया।
  • आईएनएस राजपूत भारतीय नौसेना का पहला विध्वंसक (destroyer) है।
  • तत्कालीन सोवियत संघ (USSR) द्वारा निर्मित ‘कशीन श्रेणी के विध्वंसक पोत’ (Ship of Kashin-class destroyers) आईएनएस राजपूत को 4 मई, 1980 को नौसेना में कमीशन किया गया था।
  • आईएनएस राजपूत का निर्माण ‘निकोलेव’ (वर्तमान यूक्रेन) में ‘61 कम्यूनर्ड शिपयार्ड’ (61 Communards Shipyard) में उसके मूल रूसी नाम 'नादेझनी' (Nadezhny) के तौर पर किया गया था, जिसका अर्थ 'आशा' होता है।
  • इस जहाज का निर्माण 11 सितंबर, 1976 को शुरू किया गया था और इसे 17 सितंबर, 1977 को लॉन्च किया गया था।
  • इस जहाज को 4 मई, 1980 को पोटी, जॉर्जिया में तत्कालीन सोवियत संघ में भारत के राजदूत आई के गुजराल ने आईएनएस राजपूत के रूप में कमीशन किया था।

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शहद परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की परियोजना


  • 20 मई, 2021 को विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली में ‘शहद परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की परियोजना’ का शुभारंभ किया।
  • यह ‘राष्ट्रीय मधुमक्खीपालन एवं शहद मिशन’ ((National Beekeeping and Honey Mission- NBHM) के अंतर्गत, मधु एवं मधुमक्खीपालन के अन्य उत्पादों के गुणवत्ता परीक्षण हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) में क्षेत्रीय मधु गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की परियोजना है।
  • राष्ट्रीय मधुमक्खीपालन व शहद मिशन (NBHM) में समग्र संवर्धन तथा वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन के विकास व “मीठी क्रांति“ का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 300 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
  • साथ ही, NBHM को आत्मनिर्भर भारत अभियान में केंद्र सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व माप-विज्ञान दिवस


20 मई

2021 का विषय/अभियान: 'स्वास्थ्य के लिए मापन' (Measurement for Health)।

महत्वपूर्ण तथ्य: 20 मई,1875 को 17 देशों ने एक विश्वव्यापी सुसंगत मापन प्रणाली को मान्यता देने के लिए एक संधि पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे मीटर कन्वेंशन के नाम से जाना जाता है। उसी के उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जाता है।

राज्य समाचार आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश औद्योगिक गैस और चिकित्सा ऑक्सीजन विनिर्माण नीति 2021-22


  • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने चिकित्सा (मेडिकल) ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 18 मई, 2021 को 'आंध्र प्रदेश औद्योगिक गैस और चिकित्सा ऑक्सीजन विनिर्माण नीति 2021-22' का अनावरण किया।
  • इस नीति का उद्देश्य 360 मीट्रिक टन की वर्तमान विनिर्माण क्षमता को 700 मीट्रिक टन तक बढ़ाना है तथा इसमें कम से कम 50 पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्सॉर्प्शन ऑक्सीजन) उत्पादन संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है।
  • यह नीति रुग्ण ऑक्सीजन संयंत्रों (sick oxygen generator plants) के पुनरुद्धार, मौजूदा संयंत्रों की क्षमता में वृद्धि और उद्यमियों द्वारा नए संयंत्रों की स्थापना के लिए पूंजीगत व्यय पर 30% तक सब्सिडी और बिजली शुल्क पर 2 रुपये प्रति यूनिट छूट की सुविधा प्रदान करती है।
  • नीति का उद्देश्य पीएसए (pressure swing adsorption), तरल ऑक्सीजन और हीलियम मिश्रित ऑक्सीजन (Heliox) जैसी सभी तकनीकों का समर्थन करना है।