राष्‍ट्रीय होम्‍योपैथी आयोग विधेयक-2020


14 सितंबर, 2020 को लोकसभा की मंजूरी के साथ संसद द्वारा राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक-2020 और राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति विधेयक-2020 पारित कर दिया गया। इस वर्ष बजट सत्र के दौरान राज्यसभा इन विधेयकों को पारित कर चुकी है।

उद्देश्य: होम्योपैथी तथा भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक-2020: यह विधेयक होम्योपैथी केंद्रीय परिषद अधिनियम 1973 का स्थान लेगा और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग की स्थापना करेगा।

  • होम्योपैथी आयोग में 20 सदस्य होंगे, जिसमें एक अध्यक्ष के अलावा होम्योपैथी शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान के महानिदेशक और होम्योपैथी के लिए चिकित्सा समीक्षा और रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसमें कुछ अन्य सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा।

राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग विधेयक-2020: यह विधेयक भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिनियम 1970 का स्थान लेगा और राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग का गठन करेगा।

  • आयोग में 29 सदस्य होंगे, जिसमें अध्यक्ष, आयुर्वेद बोर्ड के अध्यक्ष, यूनानी, सिद्धा और सोवारिग्पा बोर्ड के अध्यक्ष, सहित अन्य सदस्य होंगे।

सलाहकार परिषद: इन दोनों विधेयकों में होम्योपैथी तथा भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए सलाहकार परिषदों के गठन का प्रस्ताव किया गया है।

  • इन परिषद के माध्यम से राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश दोनों आयोगों के समक्ष अपने विचार और समस्याएं रख सकेंगे। साथ ही यह देश में चिकित्सा शिक्षा के मानकों को निर्धारित करने और निगरानी के लिए आयोग को उपाय भी सुझाएंगी।

स्रोत : सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल ऑनलाइन. सितंबर 2020