पोलैंड-इटली का अमेरिकी बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने से इंकार

  • 12 Feb 2026

11 फरवरी, 2026 को पोलैंड और इटली ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित “बोर्ड ऑफ पीस” में शामिल न होने की घोषणा की, जिसका कारण इसके ढांचे और शक्तियों को लेकर संवैधानिक एवं संरचनात्मक चिंताएं बताई गईं।

मुख्य बिंदु

  • मूल उद्देश्य: यह पहल (बोर्ड ऑफ पीस) प्रारंभ में गज़ा संघर्ष-विराम के समर्थन हेतु परिकल्पित थी, किंतु अब वैश्विक संघर्षों के समाधान में व्यापक भूमिका निभाने की दिशा में देखी जा रही है।
  • संयुक्त राष्ट्र के समानांतर मंच बनने की आशंका: कई देशों को आशंका है कि यह पहल संयुक्त राष्ट्र के समानांतर मंच का रूप ले सकती है, जिससे इसकी वैश्विक वैधता और अधिकार-क्षेत्र पर प्रश्न उठते हैं।
  • रूस और बेलारूस को आमंत्रण: इन देशों को आमंत्रित करने से अमेरिका के पश्चिमी सहयोगियों में सतर्कता बढ़ी है।
  • पोलैंड का रुख: पोलैंड ने वर्तमान संरचना को लेकर राष्ट्रीय चिंताओं का हवाला देते हुए अभी शामिल न होने का निर्णय लिया, हालांकि भविष्य में पुनर्विचार की संभावना खुली रखी है।
  • इटली की संवैधानिक बाधा: इटली ने कहा कि उसका संविधान केवल उन अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भागीदारी की अनुमति देता है जहां सदस्य समान शर्तों पर कार्य करें, जो वर्तमान व्यवस्था में परिलक्षित नहीं है।
  • कार्यकारी शक्तियों पर आपत्ति: बोर्ड का शासन मॉडल अमेरिकी राष्ट्रपति को अत्यधिक कार्यकारी अधिकार देता है, जिस पर इटली ने आपत्ति जताई है।