किसान क्रेडिट कार्ड योजना हेतु संशोधित मसौदा दिशानिर्देश
- 13 Feb 2026
12 फरवरी, 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के लिए संशोधित मसौदा दिशानिर्देश जारी किए।
- उद्देश्य: कवरेज का विस्तार करना, संचालन को मानकीकृत करना तथा कृषि ऋण को फसल चक्र और खेती की लागत के साथ अधिक समन्वित बनाना।
मुख्य बिंदु
- संशोधित नीति ढाँचा: ये मसौदा मास्टर निर्देश कृषि और संबद्ध गतिविधियों पर मौजूदा दिशानिर्देशों को समेकित करते हैं तथा वाणिज्यिक बैंक, लघु वित्त बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और ग्रामीण सहकारी बैंकों पर लागू होंगे।
- मानकीकृत फसल चक्र: एकरूपता हेतु फसल ऋतुओं का मानकीकरण किया गया है; जिसके अंतर्गत अल्पावधि फसलों को 12 माह के चक्र तथा दीर्घावधि फसलों को 18 माह के चक्र के रूप में स्वीकार किया जाएगा, ताकि ऋण नियोजन और पुनर्भुगतान की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके।
- ऋण अवधि में विस्तार: KCC ऋणों की कुल अवधि बढ़ाकर 6 वर्ष कर दी गई है, ताकि लंबी उत्पादन अवधि वाली फसलों के अनुरूप ऋण उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
- कृषि की लागत के साथ सामंजस्य: योजना के अंतर्गत आहरण सीमा अब प्रत्येक फसल ऋतु की वित्तीय आवश्यकता से जुड़ी होगी, ताकि किसानों को वास्तविक निवेश लागत के अनुरूप ऋण प्राप्त हो।
- बेहतर ऋण योजना: संशोधित ढांचा ऋण स्वीकृति और पुनर्भुगतान कार्यक्रमों को कृषि समय-सीमा के साथ अधिक निकटता से जोड़कर प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का लक्ष्य रखता है।
- विस्तारित कवरेज लक्ष्य: प्रस्तावित परिवर्तन कृषि वित्तपोषण को सुदृढ़ बनाते हुए ऋण पहुंच को किसानों की परिवर्तित आवश्यकताओं के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए किए गए हैं।
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