आंशिक रूप से संचालित एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में कमी
- 13 Feb 2026
12 फरवरी, 2026 को भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन करते हुए आंशिक रूप से संचालित राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क कम करने का निर्णय लिया। संशोधित नियम 15 फरवरी, 2026 से प्रभावी होंगे।
मुख्य बिंदु
- कम टोल दरें लागू: यदि कोई राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पूर्ण रूप से संचालित नहीं है, तो टोल शुल्क उच्च एक्सप्रेसवे दर के बजाय राष्ट्रीय राजमार्ग दर पर लिया जाएगा।
- पूर्व व्यवस्था में अधिक शुल्क: पहले, मार्ग पूर्णतः खुला न होने पर भी उच्च गति यात्रा सुविधा के कारण उपयोगकर्ताओं से लगभग 25% अधिक टोल लिया जाता था।
- उपयोग को प्रोत्साहन: यह निर्णय अधूरे एक्सप्रेसवे खंडों के अधिक उपयोग को बढ़ावा देने और यातायात वितरण सुधारने के लिए लिया गया है।
- भीड़ कम करने का उद्देश्य: खुले एक्सप्रेसवे खंडों के बढ़ते उपयोग से समानांतर राष्ट्रीय राजमार्गों पर भीड़ कम होने, लॉजिस्टिक आवागमन तेज होने तथा यात्रा अधिक सुगम होने की संभावना है।
- पर्यावरणीय लाभ: कम भीड़ वाले मार्गों की ओर यातायात मोड़ने से जाम से उत्पन्न प्रदूषण में भी कमी आने की अपेक्षा है।
- अस्थायी प्रावधान: संशोधित नियम अपने क्रियान्वयन से अधिकतम 1 वर्ष तक या एक्सप्रेसवे के पूर्ण संचालन तक (जो भी पहले हो) प्रभावी रहेंगे।
- जनहितकारी कदम: यह संशोधन राजमार्ग यात्रा को अधिक किफ़ायती, कुशल और सुगम बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।
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