गगनयान मिशन हेतु ड्रोग पैराशूट का सफल परीक्षण
- 20 Feb 2026
18 फरवरी, 2026 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने चंडीगढ़ में गगनयान कार्यक्रम के लिए ड्रोग पैराशूट का सफल क्वालिफिकेशन-स्तरीय लोड परीक्षण संपन्न किया।
मुख्य बिंदु
- क्वालिफिकेशन-स्तरीय लोड परीक्षण: इस गतिशील परीक्षण में वास्तविक उड़ान की अधिकतम परिस्थितियों से भी अधिक भार का अनुकरण किया गया, जिससे पैराशूट की संरचनात्मक मजबूती और अतिरिक्त सुरक्षा मार्जिन का सत्यापन हुआ।
- गगनयान मिशन में भूमिका: ड्रोग पैराशूट क्रू मॉड्यूल पुनर्प्राप्ति प्रणाली का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण घटक है। यह पुनःप्रवेश (री-एंट्री) के दौरान नियंत्रित अवतरण और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करता है।
- संस्थागत समन्वय: यह परीक्षण ISRO, एरियल डिलीवरी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ADRDE) तथा टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला (TBRL) की टीमों के समन्वित प्रयास से संपन्न हुआ।
- स्वदेशी क्षमता का प्रदर्शन: इस सफल परीक्षण ने उच्च-शक्ति ‘रिबन पैराशूट’ के स्वदेशी डिज़ाइन और निर्माण में भारत की तकनीकी दक्षता को प्रमाणित किया है। यह आत्मनिर्भरता की दिशा में रक्षा एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र की सुदृढ़ प्रगति को भी रेखांकित करता है।
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