भारत–स्वीडन: हरित प्रौद्योगिकी सहयोग को नई गति

  • 20 Feb 2026

19 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में उच्च-स्तरीय वार्ता के दौरान भारत और स्वीडन ने हरित प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास तथा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India–EU FTA) के ढाँचे के अंतर्गत सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बिंदु

  • हरित प्रौद्योगिकी साझेदारी: दोनों देशों ने सतत नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा समाधान और उन्नत अनुसंधान सहयोग को अपनी रणनीतिक सहभागिता का केंद्रीय तत्व बनाने पर सहमति व्यक्त की। यह साझेदारी जलवायु परिवर्तन से निपटने और निम्न-कार्बन विकास मॉडल को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है।
  • भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौते के ढाँचे का उपयोग: वार्ता में इस बात पर बल दिया गया कि भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संस्थागत ढाँचे का उपयोग कर व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी अंतरण को अधिक गति दी जाए। इससे आपूर्ति शृंखलाओं का सुदृढ़ीकरण और बाजार पहुँच का विस्तार संभव होगा।
  • निवेश और बाजार संभावनाएँ: भारत ने स्वयं को एक प्रमुख वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में रेखांकित किया, जहाँ विशाल घरेलू बाजार, स्थिर नीतिगत परिवेश और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिए अनुकूल पारिस्थितिक तंत्र उपलब्ध है।
  • कुशल मानव संसाधन का लाभ: भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त और कुशल युवा कार्यबल को स्वीडन की नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था के पूरक के रूप में चिन्हित किया गया। यह संयोजन उन्नत प्रौद्योगिकी विकास, हरित औद्योगिकीकरण और दीर्घकालिक सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक सिद्ध हो सकता है।
  • यह संवाद न केवल द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक हरित परिवर्तन में साझा उत्तरदायित्व और सहयोगात्मक नेतृत्व की दिशा में एक सुदृढ़ पहल भी है।