भारत ने पैक्स सिलिका घोषणा पर हस्ताक्षर किए
- 21 Feb 2026
20 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पैक्स सिलिका घोषणा (Pax Silica Declaration) पर हस्ताक्षर किए।
- इसके साथ ही भारत औपचारिक रूप से पैक्स सिलिका पहल में शामिल हो गया।
मुख्य बिंदु
- रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी: पैक्स सिलिका घोषणा का उद्देश्य अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) विनिर्माण, महत्त्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विकास में सहयोग बढ़ाकर एक सुरक्षित और सुदृढ़ वैश्विक सिलिकॉन एवं प्रौद्योगिकी पारितंत्र का निर्माण करना है।
- सम्पूर्ण सिलिकॉन शृंखला पर ध्यान: यह साझेदारी महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति से लेकर चिप निर्माण और एआई तैनाती तक पूरी मूल्य शृंखला को सुरक्षित करने का प्रयास करती है, ताकि किसी भी प्रकार की दबावपूर्ण निर्भरता को कम किया जा सके और विश्वसनीय औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिले।
- उन्नत चिप डिजाइन क्षमता: भारत के इंजीनियर वर्तमान में 2 नैनोमीटर श्रेणी की उन्नत चिप्स के डिजाइन पर कार्य कर रहे हैं, जो उच्च स्तरीय सेमीकंडक्टर डिजाइन में देश की बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाता है।
- कुशल मानव संसाधन का विस्तार: अनुमान है कि सेमीकंडक्टर उद्योग को 10 लाख से अधिक प्रशिक्षित पेशेवरों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में 315 विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र चिप डिजाइन पहलों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
- मुक्त बाज़ार आधारित सहयोग को सुदृढ़ करना: अमेरिका ने स्पष्ट किया कि पैक्स सिलिका पहल का उद्देश्य दबावपूर्ण आपूर्ति शृंखला निर्भरताओं को समाप्त कर उन्हें विश्वसनीय और मुक्त बाज़ार सिद्धांतों पर आधारित साझेदारियों से प्रतिस्थापित करना है।
- विश्वसनीय एआई को बढ़ावा: दोनों देशों ने 21वीं सदी की आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था को आकार देने के संदर्भ में जिम्मेदार और भरोसेमंद कृत्रिम बुद्धिमत्ता को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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