एपस्टीन-बार वायरस एंटीबॉडी अनुसंधान में महत्वपूर्ण सफलता

  • 27 Feb 2026

फरवरी 2026 में, शोधकर्ताओं ने घोषणा की कि वे एपस्टीन-बार वायरस (EBV) के विरुद्ध टीका (Vaccine) विकसित करने के अत्यंत निकट पहुँच गए हैं।

  • यह सफलता चूहों पर नव-विकसित मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (Monoclonal antibodies) के सफल परीक्षण के बाद प्राप्त हुई है।

मुख्य बिंदु

  • व्यापक संक्रमण: वैश्विक जनसंख्या का लगभग 95% हिस्सा EBV का वाहक है, जो संक्रामक ‘मोनोन्यूक्लिओसिस’ (Mononucleosis), मल्टीपल स्केलेरोसिस (Multiple sclerosis), कुछ विशिष्ट कैंसर और EBV-संबद्ध लिम्फोमा (Lymphomas) से संबंधित है।
  • लक्षित एंटीबॉडी विकास: वैज्ञानिकों ने 2 प्रमुख वायरल प्रोटीनों, gp350 (जो कोशिका रिसेप्टर्स से जुड़ता है) और gp42 (जो कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश को सुगम बनाता है) को लक्षित करने वाली 10 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी विकसित की हैं।
  • ogp42 को लक्षित करने वाली एक एंटीबॉडी ने ‘ह्यूमनाइज्ड’ चूहों में संक्रमण को पूरी तरह से रोक दिया, जबकि gp350 को लक्षित करने वाली एक अन्य एंटीबॉडी ने आंशिक सुरक्षा प्रदान की।
  • उच्च जोखिम वाले रोगियों के लिए क्षमता: EBV से संबंधित जटिलताएँ विशेष रूप से प्रतिरक्षा-दमनकारी प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं के लिए खतरनाक होती हैं; ऐसे रोगियों में एंटीबॉडी इन्फ्यूजन वायरस के सक्रियण को रोकने में सहायक हो सकता है।
  • टीका विकास की दिशा में कदम: शोधकर्ताओं ने इन निष्कर्षों को भविष्य में EBV के विरुद्ध एक निवारक टीके के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।