रेलटेक नीति का शुभारंभ
- 27 Feb 2026
26 फरवरी, 2026 को, केंद्रीय मंत्री ने ‘रेलटेक नीति’ (RailTech Policy) के शुभारंभ और रेलवे दावा अधिकरण (Railway Claims Tribunal: RCT) के पूर्ण डिजिटलीकरण की घोषणा की।
- यह भारतीय रेलवे के “52 हफ्तों में 52 सुधार” (52 Reforms in 52 Weeks) कार्यक्रम के तहत क्रमशः तीसरे और चौथे सुधार को चिह्नित करता है।
मुख्य बिंदु
- नवाचार-संचालित रेल परिवर्तन: रेलटेक नीति का उद्देश्य एक सरल और पारदर्शी ढांचे के माध्यम से स्टार्टअप्स, नवोन्मेषकों (Innovators), अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत को जोड़कर भारतीय रेलवे में उन्नत प्रौद्योगिकियों को व्यवस्थित रूप से एकीकृत करना है।
- समर्पित रेलटेक पोर्टल: एक पूर्णतः डिजिटल ‘एंड-टू-एंड’ प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जो नवोन्मेषकों और विभागीय उपयोगकर्ताओं को एकल-चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति देगा।
- फोकस के प्रमुख क्षेत्र: रेलटेक नीति के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
- AI आधारित हाथी घुसपैठ का पता लगाने वाली प्रणालियां (Elephant intrusion detection systems)।
- कोचों में आग का पता लगाने वाली प्रणालियाँ।
- ड्रोन आधारित टूटी हुई रेल पटरी की पहचान।
- रेल तनाव (Rail stress) निगरानी प्रौद्योगिकियां।
- पार्सल वैन में सेंसर-आधारित भार गणना।
- कोचों पर सोलर पैनल और एआई-आधारित कोच सफाई निगरानी।
- कोहरे में अवरोध का पता लगाने वाली प्रणाली (Fog obstruction detection)।
- एआई-सक्षम पेंशन और विवाद समाधान प्रणाली।
- परिचालन उपयोग: यात्री सुरक्षा के लिए एआई-सक्षम सीसीटीवी, ओवरहेड उपकरणों (OHE) की प्रेडिक्टिव मॉनिटरिंग और रेल बुनियादी ढांचे के निरीक्षण के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा।
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