2026 में वैश्विक व्यापार वृद्धि में मंदी का अनुमान: WTO
- 21 Mar 2026
19 मार्च, 2026 को विश्व व्यापार संगठन (WTO) ने वैश्विक व्यापार वृद्धि में मंदी का अनुमान व्यक्त किया, जिसमें पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एवं बढ़ती ऊर्जा कीमतों को वैश्विक व्यापार के लिए प्रमुख जोखिम बताया गया।
मुख्य बिंदु
- व्यापार वृद्धि में मंदी: वर्ष 2026 में वैश्विक वस्तु व्यापार वृद्धि दर 1.9% रहने का अनुमान है, जो 2025 के 4.6% से काफी कम है; यदि संघर्ष बढ़ता है, तो यह 1.4% तक गिर सकती है।
- पश्चिम एशिया संघर्ष का प्रभाव: ईरान से जुड़े तनाव एवं होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण शिपिंग लागत बढ़ रही है, परिवहन में देरी हो रही है तथा ऊर्जा कीमतों में वृद्धि हो रही है।
- ऊर्जा मूल्य झटका: कच्चे तेल एवं एलएनजी की ऊंची कीमतें वैश्विक व्यापार वृद्धि को 0.5% अंक तक कम कर सकती हैं, जिससे विशेष रूप से एशिया एवं यूरोप जैसे ईंधन-आयातक क्षेत्र प्रभावित होंगे।
- उर्वरक आपूर्ति जोखिम: होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित अवरोध वैश्विक यूरिया व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से को प्रभावित कर सकता है, जिससे भारत, ब्राज़ील एवं थाईलैंड जैसे कृषि प्रधान देश प्रभावित होंगे।
- सेवा व्यापार पर प्रभाव: शिपिंग एवं विमानन क्षेत्रों में व्यवधान के कारण सेवा व्यापार की वृद्धि दर 4.8% से घटकर 4.1% हो सकती है।
- AI-आधारित व्यापार की भूमिका: वर्ष 2025 में सेमीकंडक्टर जैसे AI-संबंधित उत्पादों ने वैश्विक व्यापार वृद्धि का 42% योगदान दिया, जो 21.9% बढ़कर 4.18 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा; हालांकि भविष्य की वृद्धि अनिश्चित बनी हुई है।
- GDP बनाम व्यापार वृद्धि: वर्ष 2026 में वैश्विक व्यापार (2.7%) और GDP (2.8%) की वृद्धि दर लगभग समान रहने का अनुमान है।
- क्षेत्रीय रुझान: एशिया 3.3% आयात एवं 3.5% निर्यात वृद्धि के साथ अग्रणी रहेगा; इसके बाद अफ्रीका, जबकि उत्तरी अमेरिका 0.3% आयात वृद्धि के साथ लगभग स्थिर रहेगा।
- MFN व्यापार हिस्सेदारी: वैश्विक व्यापार का लगभग 72% हिस्सा सर्वाधिक-पसंदीदा-राष्ट्र (MFN) नियमों के तहत होता है, जो बढ़ते संरक्षणवाद के कारण पहले के लगभग 80% से कम हुआ है।
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