सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’ भारतीय नौसेना को सौंपा गया
- 01 Apr 2026
30 मार्च, 2026 को सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’ (Sanshodhak) को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। यह गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा सर्वे वेसल लार्ज (SVL) परियोजना के तहत निर्मित चौथा और अंतिम सर्वेक्षण पोत है।
मुख्य बिंदु
- परियोजना:
- सर्वे वेसल (लार्ज) कार्यक्रम का चौथा और अंतिम पोत।
- पूर्ववर्ती पोत: संध्याक, निर्देशक और इक्षक (जो 2024-2025 में कमीशन किए गए थे)।
- इस परियोजना का अनुबंध अक्टूबर 2018 में हस्ताक्षरित किया गया था।
- डिज़ाइन और निर्माण:
- इसका डिज़ाइन नौसेना के वारशिप डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किया गया है।
- इसका निर्माण स्वदेशी रूप से GRSE, कोलकाता में किया गया है।
- प्राथमिक भूमिका:
- तटीय और गहरे पानी में हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण (जल सर्वेक्षण)।
- बंदरगाह के रास्तों और नेविगेशन मार्गों का मानचित्रण करना।
- समुद्र विज्ञान (Oceanographic) और भूभौतिकीय (Geophysical) डेटा का संग्रह।
- तकनीकी विशिष्टताएँ:
- लंबाई: लगभग 110 मीटर।
- विस्थापन: लगभग 3,400 टन।
- गति: 18 समुद्री मील (knots) से अधिक (डीजल इंजन द्वारा संचालित)।
- उन्नत उपकरण:
- डेटा अधिग्रहण और प्रसंस्करण प्रणाली।
- ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल्स (AUVs)।
- रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROVs)।
- लंबी दूरी की पोजिशनिंग सिस्टम और साइड-स्कैन सोनार।
- स्वदेशीकरण: लागत के आधार पर इसमें 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
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