NHAI की 'आरोग्य वन' पहल

  • 09 Apr 2026

अप्रैल 2026 में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे खाली पड़ी जमीनों पर औषधीय वृक्षों के वृक्षारोपण के लिए ‘आरोग्य वन’ (Arogya Van) पहल की घोषणा की।

मुख्य बिंदु

  • पहल के बारे में: ‘आरोग्य वन’ विशेष रूप से औषधीय वृक्षों के रोपण पर केंद्रित है। इसका मुख्य उद्देश्य जैव विविधता और पारिस्थितिक स्थिरता को बढ़ावा देना है।
  • प्रथम चरण का विवरण: इस चरण में कई राज्यों में फैले 17 भूखंड शामिल हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 62.8 हेक्टेयर है। यहाँ लगभग 67,462 औषधीय वृक्ष लगाए जाएंगे।
  • शामिल राज्य: मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली-NCR, आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़।
  • पहचानी गई वृक्ष प्रजातियां: इसमें लगभग 36 औषधीय प्रजातियां शामिल हैं, जैसे - नीम, आंवला, इमली, जामुन, नींबू, गूलर और मौलश्री।
  • पारिस्थितिक लाभ: यह वृक्षारोपण परागणकों, पक्षियों और सूक्ष्म जीवों को आश्रय व भोजन प्रदान करेगा, जिससे पारिस्थितिक तंत्र का लचीलापन और सड़क किनारे का पर्यावरण बेहतर होगा।
  • वृक्षारोपण की रणनीति: टोल प्लाजा, इंटरचेंज और राजमार्गों के पास के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पूरी तरह से कृषि-जलवायु अनुकूलता पर आधारित है और सरकार के ‘भू-निर्माण दिशानिर्देशों’ के अनुरूप है।
  • भविष्य का विस्तार: आगे के वृक्षारोपण के लिए 188 हेक्टेयर खाली भूमि की पहचान की गई है। वृक्षों के जीवित रहने की दर बेहतर करने के लिए यह कार्य मानसून के दौरान करने की योजना है।
  • सांस्कृतिक और शैक्षिक मूल्य: यह पहल आयुर्वेद जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देती है; औषधीय वृक्षों के एक ‘जीवित भंडार’ के रूप में कार्य करती है; और स्वदेशी ज्ञान के बारे में जन जागरूकता बढ़ाती है।