विश्व बैंक
- 09 Apr 2026
8 अप्रैल, 2026 को विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के विकास अनुमान को सकारात्मक रूप से 6.3% से बढ़ाकर 6.6% कर दिया।
- रिपोर्ट में यह स्पष्ट उम्मीद जताई गई है कि भारत दक्षिण एशिया में विकास का ‘प्राथमिक इंजन’ बना रहेगा।
- मज़बूत घरेलू मांग और निर्यात में लोचशीलता (Resilience) के कारण भारत की विकास दर वित्त वर्ष 2025 के 7.1% से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 7.6% होने का अनुमान है।
- कम मुद्रास्फीति और GST के बेहतर युक्तीकरण के समर्थन से देश में निजी खपत का स्तर मजबूत बना हुआ है।
- यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भी विकास की इन बेहतर और आशाजनक संभावनाओं में अपना योगदान दे रहे हैं।
- हालाँकि, एक चिंता यह भी है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ा सकती हैं, जिससे घरेलू स्तर पर लोगों की ‘प्रयोज्य आय’ (Disposable income) में कमी आ सकती है।
- विश्व बैंक एक प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थान है, जो विश्व भर में विकास का समर्थन करने और गरीबी को कम करने के लिए ऋण, नीतिगत सलाह और तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
- इसकी छमाही ‘क्षेत्रीय दृष्टिकोण रिपोर्ट’ आर्थिक प्रवृत्तियों और विकास अनुमानों का गहराई से विश्लेषण करती है, जो दक्षिण एशिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक आर्थिक प्रदर्शन और उभरती नीतिगत चुनौतियों के बारे में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


