भारत-तुर्किये विदेश कार्यालय स्तरीय परामर्श बैठक
- 09 Apr 2026
8 अप्रैल, 2026 को भारत और तुर्किये ने नई दिल्ली में 12वें दौर के विदेश कार्यालय स्तरीय परामर्श (FoC) की बैठक आयोजित की। यह भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के प्रयासों का संकेत है।
मुख्य बिंदु
- बैठक का विवरण: 2022 (अंकारा) के बाद यह इस तरह का पहला परामर्श है।
- तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि: कश्मीर पर तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की टिप्पणियों को लेकर तनाव शुरू हुआ था। इसके बाद, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तुर्किये द्वारा पाकिस्तान को समर्थन दिए जाने के कारण यह तनाव अपने चरम पर पहुँच गया था।
- चर्चा के प्रमुख क्षेत्र: व्यापार और निवेश; पर्यटन और लोगों के बीच आपसी संबंध; प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और शिक्षा; तथा सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सख्त सहयोग।
- वैश्विक और क्षेत्रीय संदर्भ: अमेरिका-ईरान संघर्ष पर चल रहे राजनयिक प्रयासों में तुर्किये सक्रिय रूप से शामिल है और उसने हालिया युद्धविराम पहलों में भी अहम योगदान दिया है।
- तनाव का आर्थिक प्रभाव: इस कूटनीतिक तनाव के कारण तुर्किये जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में 36% की भारी गिरावट (जून 2025 तक) दर्ज की गई, और द्विपक्षीय व्यापार में भी लगभग 16% की कमी आई।
- भारत का कूटनीतिक बदलाव: तुर्किये और अज़रबैजान के साथ तनाव के बाद नए सिरे से संपर्क बढ़ाना, भारत के एक व्यावहारिक और परिपक्व कूटनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
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