तापमान-नियंत्रित नैनोमटेरियल्स का विकास

  • 10 Apr 2026

अप्रैल 2026 में, सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS) तथा जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) के शोधकर्ताओं ने एक नई विधि विकसित की, जिसके माध्यम से तापमान का उपयोग करके नैनोमैटेरियल के गुणधर्मों को नियंत्रित किया जा सकता है। यह खोज अनुकूलनशील इलेक्ट्रॉनिक अनुप्रयोगों को संभव बनाती है।

मुख्य बिंदु

  • प्रमुख नवाचार: इसमें संरचनात्मक, ऑप्टिकल और विद्युत गुणों को नियंत्रित करने के लिए तापमान का एक ‘स्विच’ के रूप में उपयोग किया गया है; यह स्मार्ट और अनुकूलनशील सामग्रियों के विकास को सक्षम बनाता है।
  • प्रयुक्त सामग्री: नेफ़थलीन डायमाइड (NDI), जो एक एम्फिफिलिक कार्बनिक यौगिक है; यह सुप्रामोल्यूलर सेल्फ-असेंबली के माध्यम से नैनोस्ट्रक्चर बनाता है।
  • संरचनात्मक परिवर्तन: कमरे के तापमान पर यह वृत्ताकार नैनोडिस्क बनाता है। गर्म करने पर यह द्वि-आयामी नैनोशीट में बदल जाता है।
  • ऑप्टिकल गुण: नैनोडिस्क काइरोऑप्टिकल सक्रियता (ध्रुवीकृत प्रकाश के साथ अंतःक्रिया) प्रदर्शित करते हैं; नैनोशीट में आते ही काइरोऑप्टिकल गुण समाप्त हो जाते हैं।
  • विद्युत गुण: नैनोडिस्क उच्च विद्युत चालकता दर्शाते हैं; संरचनात्मक परिवर्तन के बाद चालकता में लगभग सात गुना की भारी गिरावट आती है।
  • वैज्ञानिक महत्व: यह सामग्री के गुणों की सटीक ‘ट्यूनिंग’ को प्रदर्शित करता है; छोटे कार्बनिक अणुओं में यह एक अत्यंत दुर्लभ क्षमता है।
  • अनुप्रयोग: इलेक्ट्रॉनिक्स और फोटोनिक्स; सेंसर और बायोइलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस; स्मार्ट और प्रत्युत्तरशील (Responsive) प्रौद्योगिकियां।
  • महत्व: सुप्रामोल्यूलर रसायन विज्ञान-आधारित सामग्री डिजाइन को नई दिशा देता है; अगली पीढ़ी के ट्यूनेबल नैनो-उपकरणों को सक्षम करता है; भविष्य के लिए तैयार इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के विकास का मजबूती से समर्थन करता है।