गगनयान मिशन के लिए दूसरा 'एयर ड्रॉप टेस्ट'
- 10 Apr 2026
10 अप्रैल, 2026 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में दूसरा ‘इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट’ (IADT-02) सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह गगनयान मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है।
मुख्य बिंदु
- परीक्षण का उद्देश्य: यह क्रू एस्केप (चालक दल बचाव) और रिकवरी प्रणालियों को प्रमाणित करता है तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए सुरक्षा तंत्र को सुनिश्चित करता है।
- पिछला परीक्षण: IADT-01 का परीक्षण 24 अगस्त, 2025 को किया गया था, जिसमें क्रू सुरक्षा प्रणालियों की प्रारंभिक क्षमताओं का सफल प्रदर्शन किया गया था।
- महत्व: यह भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं को सुदृढ़ करता है; अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सुरक्षा प्रमाणीकरण को आगे बढ़ाता है; और भारत को अपने पहले मानवयुक्त मिशन को लॉन्च करने के और करीब लाता है।
- गगनयान के बारे में: सरकार ने गगनयान कार्यक्रम के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह मिशन अब अपने अंतिम चरण में है, और 2027 की पहली तिमाही में इसकी पहली मानवयुक्त उड़ान होने की उम्मीद है।
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