भारत-भूटान ने जल-विद्युत क्षेत्र में संबंधों को सुदृढ़ किया
- 10 Apr 2026
9 अप्रैल, 2026 को केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री ने भूटान की चार दिवसीय यात्रा की शुरुआत की, जो भारत-भूटान द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर प्रगाढ़ होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बिंदु
- यात्रा का विवरण: केंद्रीय मंत्री ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ विस्तृत बातचीत की; ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- प्रमुख समझौते: 1,020 मेगावाट की पुनात्संगछू-II जलविद्युत परियोजना के लिए टैरिफ प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर; ग्रिड स्थिरता में सुधार के लिए प्रतिक्रियाशील ऊर्जा लेखांकन की कार्यप्रणाली तय की गई।
- परियोजना का महत्व: पुनात्संगछू-II पहले से ही भारत को अधिशेष बिजली का निर्यात कर रही है; यह दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही जलविद्युत साझेदारी को नई ऊर्जा देती है।
- सहयोग के विस्तारित क्षेत्र: गैर-हाइड्रो नवीकरणीय ऊर्जा; सीमा पार पारेषण; परियोजना वित्तपोषण और क्षमता निर्माण; संस्थागत भागीदारी।
- संस्थागत तंत्र: नियमित समीक्षा और समन्वय के लिए एक नया द्विपक्षीय ढांचा स्थापित किया गया है, जो दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ाएगा।
- समग्र महत्व: भारत-भूटान रणनीतिक साझेदारी को गहरा करता है; क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देता है; पारस्परिक आर्थिक विकास और वृद्धि का प्रबल समर्थन करता है।
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