भारत ECOSOC के प्रमुख निकायों में निर्विरोध चुना गया
- 10 Apr 2026
8 अप्रैल, 2026 को भारत को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) के चार महत्वपूर्ण निकायों के लिए निर्विरोध चुना गया, जो बहुपक्षीय कूटनीति में देश की एक शानदार उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु
- प्रमुख नियुक्तियां: प्रीति सरन को आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों की समिति (CESCR) के लिए फिर से चुना गया (अवधि: 2027-2030)।
- अन्य नियुक्तियां:
- विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी आयोग (अवधि: 2027-2030);
- गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की समिति (अवधि: 2027-2030);
- कार्यक्रम और समन्वय समिति (अवधि: 2027-2029)।
- CESCR के बारे में: इसमें 18 स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल हैं; यह आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों के कार्यान्वयन की निगरानी करता है; भोजन, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और काम जैसे बुनियादी अधिकारों की देखरेख करता है।
- अन्य निकायों की भूमिका:
- NGO समिति: नागरिक समाज संगठनों की सलाहकार स्थिति की गहन समीक्षा करती है।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी आयोग: विकास के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की भूमिका को संबोधित करता है।
- कार्यक्रम और समन्वय समिति: संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न कार्यक्रमों में सामंजस्य सुनिश्चित करती है।
- महत्व: यह वैश्विक शासन में भारत की स्थिति को मजबूत करता है; विकास, प्रौद्योगिकी और नागरिक समाज के एजेंडे को आकार देने में हमारी भूमिका को बढ़ाता है; संयुक्त राष्ट्र में भारत के निरंतर बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव का सशक्त परिचायक है।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


