शहरी वित्तपोषण हेतु 'अर्बन चैलेंज फंड' का शुभारंभ
- 16 Apr 2026
15 अप्रैल, 2026 को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री ने नई दिल्ली में अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के परिचालन दिशानिर्देश तथा क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी उप‑योजना (CRGSS) का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य देश में शहरी अवसंरचना वित्तपोषण को सुदृढ़ करना है।
मुख्य बिंदु
- अर्बन चैलेंज फंड (UCF): 1 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रावधान।
- इसका लक्ष्य बाजार से 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करना है, ताकि बाजार-संचालित शहरी विकास को गति मिले।
- फंडिंग का ढांचा:
- किसी भी परियोजना की लागत में केंद्र की सहायता अधिकतम 25% होगी।
- शेष 50% या उससे अधिक का वित्तपोषण बाजार तंत्र (जैसे म्युनिसिपल बांड, ऋण और PPP मॉडल) के माध्यम से जुटाया जाएगा।
- धन का आवंटन:
- ₹90,000 करोड़: विकास परियोजनाओं के लिए।
- ₹5,000 करोड़: क्षमता निर्माण और परियोजना की तैयारी के लिए।
- ₹5,000 करोड़: क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी उप‑योजना (CRGSS) के लिए।
- प्रमुख फोकस क्षेत्र: पुराने शहरों और बाजारों का पुनर्विकास, शहरी परिवहन (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी), गैर-मोटर चालित परिवहन और जल, स्वच्छता तथा जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचा।
- CRGSS का उद्देश्य: यह उप-योजना छोटे शहरों (टियर-II, टियर-III, पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों) को वित्तीय समर्थन और क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगी।
- संस्थागत पहल: शहरों को वित्तीय संस्थानों से जोड़ने के लिए एक “ई-डायरेक्टरी” शुरू की गई है और राज्यों, बैंकों व निजी क्षेत्रों के साथ कई समझौते (MoUs/LoIs) किए गए हैं।
- कार्यान्वयन की अवधि: यह योजना वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी।
- सरकार का विजन और महत्व: इसका मुख्य उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, शहरों को निवेश के लिए तैयार करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। यह योजना भारत के “विकसित भारत @2047” के संकल्प को साकार करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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