CCEA ने रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी
- 20 Apr 2026
18 अप्रैल, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने रेलवे की क्षमता और दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दो प्रमुख मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई।
मुख्य बिंदु
- परियोजना का विवरण: ₹24,815 करोड़ की भारी-भरकम लागत वाली ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के 15 जिलों को कवर करते हुए लगभग 601 किमी का नया रेलवे नेटवर्क जोड़ेंगी। इसे 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
- स्वीकृत कॉरिडोर: इसके तहत गाजियाबाद-सीतापुर के बीच (403 किमी) और राजमुंदरी-विशाखापत्तनम के बीच (198 किमी) तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।
- रणनीतिक महत्व: गाजियाबाद-सीतापुर मार्ग ‘दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर’ का और राजमुंदरी-विशाखापत्तनम मार्ग ‘हावड़ा-चेन्नई कॉरिडोर’ का एक अहम हिस्सा है। वर्तमान में दोनों ही मार्ग अपनी क्षमता से अधिक भार वहन कर रहे हैं (विशेषकर गाजियाबाद-सीतापुर लाइन, जिसका 168% तक उपयोग हो रहा है)।
- कनेक्टिविटी और विस्तार: यह परियोजना गाजियाबाद, मुरादाबाद और बरेली जैसे औद्योगिक केंद्रों के साथ-साथ विशाखापत्तनम, गंगावरम और काकीनाडा बंदरगाहों तक निर्बाध पहुंच बनाएगी। इसमें भीड़भाड़ कम करने के लिए नए स्टेशन, बाईपास और गोदावरी नदी पर 4.3 किमी लंबा पुल शामिल है।
- आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ: ‘पीएम गति शक्ति’ विजन से जुड़ी यह परियोजना कोयला, सीमेंट, खाद्यान्न और स्टील की आवाजाही को सुगम बनाएगी। इससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और कार्बन उत्सर्जन में व्यापक कमी आने का अनुमान है।
- पर्यटन और समग्र विजन: इससे दुधेश्वरनाथ मंदिर, नैमिषारण्य और द्राक्षारामम जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। कुल मिलाकर, यह क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देते हुए “विकसित भारत 2047” के संकल्प में एक बड़ा योगदान देगा।
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