केंद्र ने फसल खरीद उपायों को मंजूरी प्रदान की

  • 20 Apr 2026

18 अप्रैल, 2026 को केंद्र सरकार ने किसानों को औने-पौने दामों (Distress Sales) पर अपनी फसल बेचने की मजबूरी से बचाने और उन्हें लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए आलू, चना और अरहर (तूर) की सरकारी खरीद को मंजूरी दे दी है।

मुख्य बिंदु

  • उत्तर प्रदेश (आलू): ‘बाजार हस्तक्षेप योजना’ (2025-26) के तहत ₹6,500.9 प्रति मीट्रिक टन के मूल्य पर 20 लाख मीट्रिक टन आलू की खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके लिए लगभग ₹203.15 करोड़ का बजट रखा गया है।
  • आंध्र प्रदेश (चना): ‘मूल्य समर्थन योजना’ (रबी विपणन सत्र 2025-26) के तहत चने की खरीद सीमा को 94,500 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 1,13,250 मीट्रिक टन कर दिया गया है।
  • कर्नाटक (अरहर/तूर): किसानों की सहूलियत के लिए खरीद की समयसीमा 30 दिन बढ़ाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 15 मई, 2026 तक खरीद की अनुमति दी गई है।
  • उद्देश्य और नीतियां: इसका मुख्य लक्ष्य किसानों को आर्थिक संकट से बचाना और सरकारी खरीद के माध्यम से सुनिश्चित मूल्य प्रदान करना है। यह निर्णय राज्य सरकारों के परामर्श पर आधारित है और मूल्य स्थिरीकरण की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
समग्र महत्व: यह कदम न केवल किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि MSP व खरीद प्रणालियों की प्रभावशीलता को बढ़ाता है और राज्यों में कृषि बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करता है।