UIDAI ने 100 आधार ऑफलाइन सत्यापनकर्ताओं को जोड़ा
- 21 Apr 2026
20 अप्रैल, 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार-आधारित ऑफलाइन सत्यापन शुरू करने के तीन महीने के भीतर 100 संस्थाओं को “ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटीज” (OVSEs) के रूप में जोड़ा है।
मुख्य बिंदु
- यह पहल सुरक्षित, सहमति-आधारित और कागज रहित पहचान सत्यापन का समर्थन करती है।
- शामिल की गई संस्थाओं में सरकारी विभाग, फिनटेक कंपनियां, शैक्षणिक निकाय और सत्यापन एजेंसियां शामिल हैं।
- आधार धारक QR कोड और डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों का उपयोग करके सीमित पहचान डेटा साझा कर सकते हैं।
- यह प्रणाली UIDAI के केंद्रीय डेटाबेस तक “रियल-टाइम एक्सेस” से बचाती है, जिससे नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा बढ़ती है।
- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक सांविधिक प्राधिकरण है।
- इसे आधार अधिनियम, 2016 के तहत 12 जुलाई, 2016 को स्थापित किया गया था।
- यह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
- आधार अधिनियम को आधार एवं अन्य कानून (संशोधन) अधिनियम, 2019 के माध्यम से संशोधित किया गया।
- यह भारत के निवासियों को विशिष्ट पहचान संख्या (UID), जिसे आधार कहा जाता है, जारी करने के लिए उत्तरदायी है।
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