भारत–द. कोरिया: भविष्य उन्मुख साझेदारी के रोडमैप का अनावरण

  • 21 Apr 2026

20 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया (ROK) के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को “भविष्य उन्मुख साझेदारी” में रूपांतरित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताओं के बाद कुल 25 प्रमुख परिणामों की घोषणा की गई।

प्रमुख बिंदु

  • रणनीतिक विजन: भारत-ROK “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के लिए एक संयुक्त दृष्टिकोण तैयार किया गया है, जिसमें जहाज निर्माण, समुद्री रसद, धारणीयता और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • प्रमुख समझौते और समझौता ज्ञापन (MoUs): बंदरगाहों, इस्पात आपूर्ति श्रृंखलाओं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और विज्ञान व प्रौद्योगिकी में सहयोग। इसके अलावा जलवायु कार्रवाई, सांस्कृतिक उद्योगों और वित्तीय सहयोग पर भी समझौते हुए।
  • प्रमुख ढांचे: “इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज” (AI, सेमीकंडक्टर और IT के लिए)। औद्योगिक सहयोग समिति की स्थापना और CEPA (व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता) को अपग्रेड करने की बातचीत फिर से शुरू करना।
  • नई पहलें: आपूर्ति श्रृंखलाओं और महत्वपूर्ण तकनीक के लिए “आर्थिक सुरक्षा वार्ता”। लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए “विशिष्ट आगंतुक कार्यक्रम” (Distinguished Visitors Programme) तथा जलवायु परिवर्तन, आर्कटिक सहयोग और समुद्री मामलों पर संवाद।
  • वैश्विक सहयोग: दक्षिण कोरिया अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल हुआ है, जबकि भारत “ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट” में शामिल होगा।
  • व्यापार एवं निवेश लक्ष्य: 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 27 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 50 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य। भारत-कोरिया वित्तीय मंच का प्रस्ताव और भारत में “कोरियाई औद्योगिक टाउनशिप” की योजना।
  • भू-राजनीतिक संदेश: शांति, स्थिरता और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर जोर, साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक संस्थागत सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता।
  • सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध: सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम (2026-2030)। खेल, पर्यटन, शिक्षा और रचनात्मक उद्योगों में सहयोग। वर्ष 2028-29 को “भारत-ROK मित्रता वर्ष” घोषित किया गया।