तमिलनाडु में प्राचीन समुद्री जीवाश्मों की खोज
- 29 Apr 2026
अप्रैल 2026 में तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के पनैयूर गाँव में 8,000-12,000 वर्ष पुराने समुद्री जीवाश्म खोजे गए। यह खोज क्षेत्र के प्राचीन तटीय परिवर्तनों और जलवायु इतिहास को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- होलोसीन काल के जीवाश्म: इन जीवाश्मों की पहचान भारतीय प्राणी सर्वेक्षण द्वारा होलोसीन युग के रूप में की गई।
- जीवाश्मों का प्रकार: वैज्ञानिकों ने कुल 104 नमूने एकत्र किए, जिनमें मुख्यतः द्विपटली (Bivalves), गैस्ट्रोपोड (Gastropods) शामिल हैं।
- तटीय बदलाव का संकेत: यह स्थल वर्तमान समुद्र तट से 5-7 किमी अंदर स्थित है, जो प्राचीन काल में समुद्री तटरेखा के बड़े बदलाव को दर्शाता है।
- समुद्र स्तर वृद्धि का प्रमाण: अध्ययन से संकेत मिलता है कि यह क्षेत्र कभी समुद्र के नीचे था, जो हिमयुग के बाद समुद्र स्तर बढ़ने के कारण हुआ।
- जीवाश्मों का अनावरण: वर्ष 2023 में भारी वर्षा के बाद ये जीवाश्म सतह पर उजागर हुए।
- वैज्ञानिक महत्व: यह खोज तमिलनाडु की प्राचीन तटरेखा, समुद्री जैव विविधता, जलवायु इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।
- संरक्षण एवं अध्ययन की आवश्यकता: विशेषज्ञों ने इन जीवाश्मों के संरक्षण और उनकी सटीक आयु निर्धारण के लिए रेडियोकार्बन डेटिंग की सिफारिश की है।
- व्यापक महत्व: यह खोज भारत के चतुर्थकाल (Quaternary) जीवाश्म रिकॉर्ड को सुदृढ़ करती है और दीर्घकालिक तटीय विकास की समझ को और गहरा बनाती है।
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