भारत की GDP वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान: SBI
- 12 May 2026
11 मई, 2026 को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026–27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान व्यक्त किया गया। रिपोर्ट में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं एवं भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित किया गया।
मुख्य बिंदु
- वित्त वर्ष (FY) 2026 में मजबूत प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.5% रहने का अनुमान है, जिसमें चौथी तिमाही (Q4) की वृद्धि दर लगभग 7.2% रहने की संभावना है।
- आर्थिक लचीलापन: रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक झटकों और बाह्य बाधाओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है।
- ग्रामीण उपभोग में मजबूती: कृषि एवं गैर-कृषि गतिविधियों में सकारात्मक प्रदर्शन के कारण ग्रामीण मांग मजबूत बनी हुई है।
- शहरी उपभोग में सुधार: सरकारी राजकोषीय उपायों के समर्थन से त्योहारी मौसम के बाद से शहरी उपभोग में लगातार सुधार दर्ज किया गया है।
- बैंक ऋण वृद्धि: अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) की ऋण वृद्धि वित्त वर्ष 25 में 11% की तुलना में वित्त वर्ष 26 में बढ़कर 16.1% हो गई।
- दूसरी छमाही में ऋण का तीव्र विस्तार: FY26 की दूसरी छमाही में अतिरिक्त ऋण वृद्धि तेज होकर ₹24.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई।
- जीएसटी-आधारित खपत को बढ़ावा: सरकारी व्यय तथा GST से संबंधित उपभोग समर्थन ने आर्थिक गतिविधियों एवं ऋण मांग को बढ़ावा दिया।
- FY27 के लिए ऋण परिदृश्य: SBI ने FY27 के दौरान बैंक ऋण वृद्धि दर 13–14% के बीच मजबूत बने रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
- कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव: रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की वृद्धि से मुद्रास्फीति बढ़ सकती है तथा भारत का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit- CAD) विस्तृत हो सकता है।
- विकास के चालक के रूप में घरेलू मांग: रिपोर्ट में घरेलू खपत को मुख्य कारक के रूप में पहचाना गया है जो पश्चिम एशिया में तनाव सहित वैश्विक संकटों के बावजूद भारत के विकास को बनाए रखे हुए है।
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