केंद्र ने VB-G RAM G अधिनियम के कार्यान्वयन को अधिसूचित किया
- 12 May 2026
11 मई, 2026 को केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत - रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025’ के कार्यान्वयन को अधिसूचित किया।
मुख्य बिंदु
- नई ग्रामीण रोजगार रूपरेखा: VB–G RAM G अधिनियम 1 जुलाई, 2026 से लागू होगा तथा यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (MGNREGA) का स्थान लेगा।
- रोजगार की गारंटी: अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जो वर्तमान MGNREGA के 100 दिनों से अधिक है।
- मुख्य उद्देश्य: इसका उद्देश्य एकीकृत एवं उत्पादकता-आधारित ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना तथा ‘विकसित भारत @2047’ की परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण परिवर्तन को गति देना है।
- बजटीय आवंटन: वित्त वर्ष 2026–27 हेतु ₹95,692.31 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। राज्य अंशदान सहित कुल व्यय ₹1.51 लाख करोड़ से अधिक रहने की संभावना है।
- मजदूरी भुगतान तंत्र: भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाएगा। साप्ताहिक भुगतान अथवा 15 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा तथा देरी होने पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान रहेगा।
- MGNREGA से संक्रमण: वर्तमान परियोजनाएं 30 जून, 2026 तक बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगी तथा चल रहे कार्यों को नए अधिनियम के अंतर्गत आगे बढ़ाया जाएगा।
- प्रमुख फोकस क्षेत्र: अधिनियम ग्रामीण आजीविका सुरक्षा, ग्रामीण आय वृद्धि, ग्रामीण अवसंरचना निर्माण तथा ग्राम पंचायतों की भूमिका को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


