सूर्य के कोरोना में छिपे 'टर्बुलेंस' का पता लगाने की नई विधि

  • 22 May 2026

मई 2026 में नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT)], दिल्ली के वैज्ञानिकों ने सूर्य के कोरोना में छिपी हुई हलचल (Turbulence) का पता लगाने की एक नई तकनीक विकसित की है। यह तकनीक यह समझने में मदद करेगी कि सूर्य का कोरोना उसकी सतह की तुलना में इतना अधिक गर्म क्यों है।

मुख्य बिंदु

  • अनुसंधान उद्देश्य: इस अध्ययन का उद्देश्य सूर्य के बाह्य वायुमंडल अर्थात कोरोना में होने वाले अत्यधिक ताप के अब तक अनसुलझे कारणों को समझना था।
  • वैज्ञानिक पद्धति: शोधकर्ताओं ने त्रि-आयामी मैग्नेटोहाइड्रोडायनेमिक [Magnetohydrodynamic (MHD)] सिमुलेशन एवं फॉरवर्ड मॉडलिंग तकनीकों का उपयोग किया।
  • तरंग अध्ययन: अनुसंधान में सौर चुंबकीय संरचनाओं के भीतर संचरित होने वाली अनुप्रस्थ MHD तरंगों, जिन्हें ‘अल्फ्वेनिक’ (Alfvénic) अथवा ‘किंक वेव्स’ (Kink Waves) कहा जाता है, का अध्ययन किया गया।
  • प्रमुख खोज: वैज्ञानिकों ने पाया कि ये तरंगें प्लाज्मा जेट्स अथवा बड़े पैमाने के प्रवाह के बिना भी स्वतंत्र रूप से स्पेक्ट्रल विषमताएं (Spectral Asymmetries) उत्पन्न कर सकती हैं।
  • टर्बुलेंस का निर्माण: घनत्व में भिन्नता और 'फेज मिक्सिंग' के कारण कोरोना की चुंबकीय संरचनाओं के भीतर सूक्ष्म स्तर पर टर्बुलेंस (अशांति/हलचल) उत्पन्न हुआ।
  • स्पेक्ट्रल संकेत: अध्ययन में तरंगों द्वारा संचालित प्लाज्मा गति के कारण सौर स्पेक्ट्रल रेखाओं में बारी-बारी से लाल और नीले रंग की विषमताओं (Asymmetries) का पता चला।