CDSCO ने इंजेक्टेबल कॉस्मेटिक उत्पादों पर रोक लगाई

  • 22 May 2026

18 मई, 2026 को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने स्पष्ट किया कि इंजेक्शन के रूप में उपयोग किए जाने वाले कॉस्मेटिक उत्पाद, कॉस्मेटिक्स की कानूनी परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते हैं तथा इन्हें उपभोक्ताओं, पेशेवरों अथवा एस्थेटिक क्लीनिकों द्वारा उपयोग की अनुमति नहीं है।

मुख्य बिंदु

  • CDSCO ने कहा कि कानूनी रूप से कॉस्मेटिक्स वे उत्पाद हैं, जिन्हें मानव शरीर पर साफ-सफाई, सौंदर्य-वर्धन, आकर्षण बढ़ाने अथवा बाह्य रूप में परिवर्तन के उद्देश्य से “लगाया, डाला, छिड़का अथवा स्प्रे” किया जाता है।
  • इस एडवाइजरी का उद्देश्य गैर-सर्जिकल एस्थेटिक प्रक्रियाओं के बढ़ते चलन के बीच कॉस्मेटिक उत्पादों के उपचार के रूप में दुरुपयोग को रोकना और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
  • यह कदम क्लीनिकों और व्यक्तियों द्वारा किए जाने वाले भ्रामक विज्ञापनों तथा अनधिकृत सौंदर्य-प्रथाओं (Cosmetic practices) पर रोक लगाने का भी प्रयास करता है।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन’?

  • केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) भारत का राष्ट्रीय औषधि नियामक प्राधिकरण है, जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • यह नई दवाओं की स्वीकृति, क्लिनिकल परीक्षणों का नियमन, आयातित दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण और औषधियों व चिकित्सा उपकरणों के मानक तय करने के लिए जिम्मेदार है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।