कुनो राष्ट्रीय उद्यान में दशकों बाद कैराकल की वापसी
- 08 Jun 2026
जून 2026 में मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कुनो राष्ट्रीय उद्यान में कैमरा ट्रैप सर्वेक्षण के दौरान दुर्लभ जंगली बिल्ली प्रजाति ‘कैराकल’ (Caracal) दर्ज की गई। यह कई दशकों बाद इस क्षेत्र में इसकी पुनः उपस्थिति का संकेत है।
मुख्य बिंदु
- शारीरिक विशेषता: कैराकल मध्यम आकार की एक जंगली बिल्ली है, जो अपने कानों के ऊपर बने विशिष्ट लंबे काले बालों के गुच्छों (Ear Tufts) और हवा में असाधारण ऊंची छलांग लगाने की क्षमता के लिए जानी जाती है।
- प्राकृतिक आवास: यह आमतौर पर शुष्क और अर्ध-शुष्क आवासों जैसे कि घास के मैदानों, झाड़ियों वाले क्षेत्रों (Scrublands) और सूखे जंगलों में पाई जाती है।
- शिकार की आदतें: यह प्रजाति एक कुशल शिकारी है जो मुख्य रूप से पक्षियों, कृंतकों (Rodents/चूहे प्रजाति), खरगोशों और छोटे स्तनधारियों का शिकार करती है।
- भारत में घटती आबादी: भारत में इस समय कैराकल की आबादी बेहद कम बची है। वन्यजीव विशेषज्ञों के एक अनुमान के मुताबिक, पूरे देश में अब 50 से भी कम कैराकल जीवित बचे हैं।
- कानूनी सुरक्षा: इसे भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है।
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