क्या रक्त में पाए गए नए प्रोटीन संकेतकों से फेफड़ों के कैंसर का जोखिम वर्षों पहले पता लगाया जा सकता है?

  • 08 Jun 2026

हां। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) और फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने रक्त में 14-प्रोटीन आधारित एक नए ‘ब्लड सिग्नेचर’ की पहचान की है, जो किसी व्यक्ति में फेफड़ों के कैंसर के विकसित होने के जोखिम का अनुमान वास्तविक निदान से 5 वर्ष से भी पहले लगा सकता है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

  • जून 2026 में प्रकाशित इस अध्ययन ने फेफड़ों के कैंसर की शीघ्र पहचान और समय रहते निवारक हस्तक्षेप की दिशा में महत्वपूर्ण संभावना प्रस्तुत की है।
  • शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज बीमारी विकसित होने से पहले ही जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान करने में सहायक हो सकती है।

कैसे की गई यह खोज?

  • वैज्ञानिकों ने 'यूके बायोबैंक' के 48,000 से अधिक रक्त नमूनों का मशीन लर्निंग के माध्यम से विश्लेषण कर ऐसे बायोमार्करों की पहचान की, जो भविष्य में फेफड़ों के कैंसर के जोखिम से जुड़े हैं।
  • अध्ययन के निष्कर्षों का परीक्षण 8 अंतरराष्ट्रीय डेटासेट्स पर किया गया, जिनमें धूम्रपान करने वाले तथा धूम्रपान न करने वाले दोनों प्रकार के प्रतिभागी शामिल थे।

यह प्रोटीन सिग्नेचर क्या दर्शाता है?

  • शोध के अनुसार यह सिग्नेचर किसी मौजूदा ट्यूमर से उत्पन्न संकेतों को नहीं, बल्कि फेफड़ों में कैंसर विकसित होने से पहले बनने वाली परिवर्तित सूजन संबंधी स्थिति को दर्शाता है।
  • यह स्थिति वायु प्रदूषण तथा सिगरेट के धुएं जैसे कारकों से प्रभावित हो सकती है।

यह खोज महत्वपूर्ण क्यों है?

  • फेफड़ों का कैंसर विश्व में कैंसर से होने वाली मृत्यु का प्रमुख कारण है।
  • मौजूदा स्क्रीनिंग कार्यक्रम मुख्यतः धूम्रपान का इतिहास रखने वाले अधिक आयु वर्ग के लोगों तक सीमित हैं, जबकि बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण गैर-धूम्रपान करने वाले लोगों में भी इसका जोखिम बढ़ रहा है।
  • ऐसे में यह नया ब्लड सिग्नेचर जोखिमग्रस्त व्यक्तियों की पहले से पहचान कर फेफड़ों के कैंसर की रोकथाम और शीघ्र उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।