असम के चार पारंपरिक उत्पादों को GI टैग प्राप्त
- 16 Jun 2026
हाल ही में असम के चार पारंपरिक उत्पादों को भारत सरकार के भौगोलिक संकेतक (GI) रजिस्ट्री द्वारा भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग प्रदान किया गया। इससे राज्य की स्वदेशी शिल्प परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है।
- नव-प्रमाणित GI उत्पाद
- कार्बी आंगलोंग हैंडलूम उत्पाद
- असम बिहू पेपा
- असम बांस शिल्प
- देउरी हैंडलूम उत्पाद
- सांस्कृतिक विरासत को मान्यता: यह GI टैग असम की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, स्वदेशी शिल्पकला, हथकरघा विरासत तथा सांस्कृतिक प्रथाओं को मान्यता प्रदान करता है।
- GI उत्पादों की संख्या में वृद्धि: इन नए उत्पादों के शामिल होने के साथ असम में नाबार्ड द्वारा समर्थित GI-प्रमाणित उत्पादों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


