स्ट्रैटेजिक रोडमैप फॉर मेकिंग आयुर्वेद ग्लोबल: रिपोर्ट
- 03 Jul 2026
2 जुलाई, 2026 को नीति आयोग ने “स्ट्रैटेजिक रोडमैप फॉर मेकिंग आयुर्वेद ग्लोबल” शीर्षक से रिपोर्ट जारी की। इसमें वर्ष 2047 तक आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त, साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक रणनीति प्रस्तुत की गई है।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य आयुर्वेद को वैश्विक रूप से स्वीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के रूप में स्थापित करना तथा निर्यात, रोजगार, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल और भारत की सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर को बढ़ावा देना है।
- तीन-स्तंभ ढांचा: यह रोडमैप आयुर्वेद की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए उपलब्धता, स्वीकार्यता और प्रसार पर आधारित है।
- मुख्य फोकस क्षेत्र: इसमें आयुर्वेद कार्यबल, अनुसंधान, शिक्षा, निर्यात, विनिर्माण, नियामकीय अनुपालन, बीमा कवरेज, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, ब्रांड विजिबिलिटी और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को सुदृढ़ करने की सिफारिश की गई है।
- क्रियान्वयन दृष्टिकोण: रिपोर्ट में कई मंत्रालयों और हितधारकों की भागीदारी के साथ समन्वित और समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण (Whole-of-Government Approach) अपनाने का आह्वान किया गया है।
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