पहली निजी ‘पॉइंट-इन-स्पेस’ इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया
- 03 Jul 2026
2 जुलाई, 2026 को भारत ने आंध्र प्रदेश के उंडावल्ली हेलीपोर्ट पर हेलीकॉप्टर संचालन के लिए अपनी पहली निजी पॉइंट-इन-स्पेस इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया (Private Point-in-Space Instrument Approach Procedure - PinS) को मंजूरी दी।
मुख्य बिंदु
- ऐतिहासिक मंजूरी: इस PinS इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा मंजूरी दी गई है। इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा विकसित किया गया है।
- PinS क्या है? PinS उपग्रह-आधारित नेविगेशन का उपयोग करता है, जिससे पारंपरिक लैंडिंग अवसंरचना के बिना हेलीपोर्ट पर सुरक्षित और सटीक हेलीकॉप्टर इंस्ट्रूमेंट अप्रोच संभव होती है।
- मानक: यह प्रक्रिया DGCA नियमों और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों एवं अनुशंसित प्रथाओं (SARPs) के अनुरूप विकसित की गई है।
- अनुप्रयोग: यह तकनीक आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, आपदा राहत, पर्यटन, अपतटीय संचालन, तीर्थयात्रा सेवाओं, कॉर्पोरेट विमानन और क्षेत्रीय संपर्क को समर्थन प्रदान करेगी।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


