SEBI ने म्यूचुअल फंडों को इंट्रा-डे उधारी की अनुमति दी
- 13 Jul 2026
10 जुलाई, 2026 को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंडों को बाजार निपटान समय में अंतर के कारण उत्पन्न होने वाले अस्थायी तरलता असंतुलन के प्रबंधन हेतु इंट्रा-डे उधारी (Intraday Borrowing) की अनुमति प्रदान की।
- यह निर्णयSEBI (म्यूचुअल फंड) विनियम, 2026 में संशोधन के बाद लिया गया, जिसके तहत निर्दिष्ट परिचालन उद्देश्यों के लिए इंट्रा-डे उधारी की अनुमति दी गई है।
- म्यूचुअल फंड इस सुविधा का उपयोग निवेशकों के रिडेम्प्शन भुगतान, लाभांश वितरण, ब्याज भुगतान, निवेशों के निपटान, मार्क-टू-मार्केट दायित्वों, विदेशी मुद्रा निपटान तथा पूर्व उधारों के भुगतान के लिए कर सकेंगे।
- भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) भारत का पूंजी बाज़ार नियामक है, जिसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करना, प्रतिभूति बाज़ार का विकास करना और उसे सुव्यवस्थित रूप से विनियमित करना है।
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