सैन्य अधिकारियों को तिब्बत विज्ञान में प्रशिक्षण


वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनात अपने अधिकारियों और जवानों में तिब्बत की संस्कृति की समझ विकसित करने और सूचना युद्ध में पारंगत बनाने की दृष्टि से, सेना ने अरुणाचल प्रदेश में केंद्रीय हिमालयी सांस्कृतिक शिक्षण संस्थान के साथ साझेदारी में तिब्बत विज्ञान (Tibetology) में एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: 15 प्रतिभागियों के पहले बैच को मार्च से जून 2021 तक प्रशिक्षित किया गया था।

  • तिब्बती परंपराओं, सांस्कृतिक विशिष्टताओं, लोकतंत्र और राजनीतिक प्रभाव आदि को समझने से भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों को अपने कामकाज की दिशा और कमियों की जानकारी मिलेगी तथा क्षेत्र को लेकर रणनीति तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
  • सेना के प्रशिक्षण कमान (ARTRAC) ने देश भर में तिब्बत विज्ञान में प्रशिक्षण के लिए सात संस्थानों को चिह्नित किया है।
  • प्रारंभिक पाठ्यक्रम के 42 दिनों के दौरान, तिब्बती इतिहास, भू-राजनीति और वर्तमान राजनीतिक गतिशीलता को व्याख्यान और केस स्टडी के रूप में शामिल किया गया था।
  • तिब्बती मुद्दों में पारंगत (बोमडिला स्थित मठ के) लामा यह प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।