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जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक-2023
- 23 Nov 2022
नवंबर 2022 में जर्मनी स्थित ‘जर्मन वॉच, न्यू क्लाइमेट इंस्टीट्यूट’ तथा ‘क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क इंटरनेशनल’ द्वारा प्रकाशित जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक-2023 (क्लाइमेट चेंज परफॉर्मेंस इंडेक्स–सीसीपीआई 2023) की सूचि जारी की गई|
उद्देश्य- अंतरराष्ट्रीय जलवायु राजनीति में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ही उसे जलवायु संरक्षण प्रयासों एवं अलग-अलग देशों द्वारा की गई प्रगति की तुलना करने में सक्षम बनाना|
महत्वपूर्ण तथ्य-
- यह सूचकांक 59 देशों और यूरोपीय संघ के जलवायु संरक्षण प्रदर्शन के आधार पर जारी किया गया है।
- नवंबर 2022 में सीओपी 27 में जारी सीसीपीआई की नवीनतम रिपोर्ट में डेनमार्क, स्वीडन, चिली और मोरक्को को केवल ऐसे 4 छोटे देशों के रूप में दिखाया गया है, जो क्रमशः भारत से ऊपर चौथे, 5वें, 6वें और 7वें स्थान पर थे।
- किसी भी देश को पहला, दूसरा और तीसरा स्थान नहीं दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार देशों की सूची-
| प्रदर्शन रैंकिंग | देश |
| 1 | कोई नहीं |
| 2 | कोई नहीं |
| 3 | कोई नहीं |
| 4 | डेनमार्क |
| 5 | स्वीडन |
| 6 | चिली |
| 7 | मोरक्को |
| 8 | भारत |
भारत की स्थिति
- जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक-2023 के अनुसार भारत ने 2 स्थानों की छलांग लगाईं है और अब वह 8वें स्थान पर आ गया है।
- जलवायु परिवर्तन के प्रदर्शन के आधार पर भारत को विश्व के शीर्ष 5 देशों में एवं जी-20 देशों में सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत की रैंकिंग सबसे अच्छी है।
- भारत ने जीएचजी उत्सर्जन और ऊर्जा उपयोग श्रेणियों में उच्च रेटिंग अर्जित की है, जबकि जलवायु नीति और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए मध्यम रेटिंग प्राप्त की है।
- सीसीपीआई प्रतिवेदन के अनुसार, भारत अपने 2030 उत्सर्जन लक्ष्यों (2 डिग्री सेल्सियस से नीचे के परिदृश्य के साथ तारतम्य रखते हुए) को पूरा करने के लिए सही राह पर है।


