पीआईबी न्यूज आर्थिक

कॉपीराइट (संशोधन) नियम, 2021 अधिसूचित


30 मार्च, 2021 को भारत सरकार ने कॉपीराइट (संशोधन) नियम, 2021 को राजपत्र में अधिसूचित किया है।

उद्देश्य: कॉपीराइट कार्यालय में कार्य और संचार के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को प्राथमिक मोड के रूप में अपनाना।

महत्वपूर्ण तथ्य: जवाबदेही और पारदर्शिता को प्रोत्साहित करने के लिए, रॉयल्टी के संग्रह और वितरण के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और जाँच करने योग्य भुगतान विधियों के उपयोग से वितरित नहीं किए गए रॉयल्टी राशियों का समाधान करने के लिए नए प्रावधान पेश किए गए हैं।

  • सॉफ्टवेयर कार्यों के पंजीकरण की अनुपालन आवश्यकताओं को कम कर दिया गया है और आवेदक को पहले 10 और अंतिम 10 पृष्ठों के स्रोत कोड, या 20 से कम पृष्ठों के मामले में पूरे स्रोत कोड को दर्ज करने की स्वतंत्रता है।
  • केंद्र सरकार के समक्ष कॉपीराइट सोसाइटी के पंजीकरण के आवेदन पर केंद्र सरकार द्वारा आवेदन का जवाब देने संबंधी समय-सीमा को बढाकर 180 दिन कर दिया गया है, ताकि आवेदन की अधिक व्यापक जांच की जा सके।
  • भारत में, कॉपीराइट के लिए कॉपीराइट अधिनियम, 1957 और कॉपीराइट नियम, 2013 कानून हैं। कॉपीराइट नियम, 2013 को अंतिम बार वर्ष 2016 में संशोधित किया गया था।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

आहार क्रांति


केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 14 अप्रैल, 2021 को पोषण हेतु जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित एक अभियान ‘आहार क्रांति’ (Aahaar Kranti) का शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: 'आहार क्रांति' अभियान को भारत और दुनिया में बहुतायत में भूख और बीमारियों की गंभीर समस्या का समाधान करने के लिए तैयार किया गया है।

  • अध्ययनों से पता चलता है कि भारत जितनी कैलोरी का उपभोग करता है,उससे दो गुना अधिक उर्जा उत्पादन करता है। हालांकि, देश में अभी भी कई कुपोषित हैं। इस अजीबो-गरीब हालात का मूल कारण पोषण संबंधी जागरूकता की कमी है।
  • इस अभियान में भारत के परम्परागत आहार का मूल्य और पौष्टिकता के बारे में लोगों को जागरूक करके इस समस्या का समाधान करने का प्रस्ताव किया गया है, ताकि स्थानीय फलों और सब्जियों की ताकत और संतुलित आहार के चमत्कारों का लाभ उठाया जा सके।
  • इसी को ध्यान में रखते हुए, 'आहार क्रांति' को ‘उत्तम आहार - उत्तम विचार या अच्छा आहार- अच्छी अनुभूति’ के आदर्श वाक्य के साथ लॉन्च किया गया है।
  • यह अभियान विज्ञान भारती (विभा), ग्लोबल इंडियन साइंटिस्ट्स एंड टेक्नोक्रेट्स फोरम, विज्ञान प्रसार और प्रवासी भारतीय अकादमिक और वैज्ञानिक सम्पर्क (प्रभास) के सहयोग से शुरू किया गया है।

पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

नवजात, छोटे बच्चे और उनकी देखभाल करने वालों के लिए अनुकूल पड़ोस प्रशिक्षण तथा क्षमता सृजन कार्यक्रम


राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (The National Institute of Urban Affairs- NIUA) ने बर्नाड वैन लीयर फाउंडेशन (Bernard van Leer Foundation) की साझेदारी में 13 अप्रैल, 2021 को वर्चुअल रूप से ‘नवजात, छोटे बच्चे और उनकी देखभाल करने वालों के लिए अनुकूल पड़ोस प्रशिक्षण तथा क्षमता सृजन कार्यक्रम’ (Infant Toddler and Caregiver-friendly Neighbourhoods (ITCN) Training and Capacity Building Programme) लॉन्च किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह कार्यक्रम भारत के शहरों में बच्चों तथा परिवार अनुकूल पड़ोस विकसित करने के लिए शहर के अधिकारियों तथा युवा पेशेवरों के क्षमता सृजन में सहायता के लिए डिजाइन किया गया है।

  • कार्यक्रम के अंतर्गत शहर के अधिकारियों तथा युवा पेशेवरों को प्रमाणित प्रशिक्षण तथा क्षमता सृजन मॉड्यूल के माध्यम से कौशल संपन्न बनाया जाएगा।
  • सुगठित प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से यह प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा NIUA द्वारा ज्ञान प्रसार के लिए विकसित प्लेटफॉर्म ‘नेशनल अर्बन लर्निंग प्लेटफॉर्म’ (National Urban Learning Platform- NULP) के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • नेशनल अर्बन लर्निंग प्लेटफॉर्म शहरी हितधारकों के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने का साधन है। यह प्लेटफॉर्म सभी को कौशल और ज्ञान उपलब्ध करा रहा है।
  • राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान 1976 में शहरी क्षेत्र के लिए अनुसंधान और क्षमता सृजन के लिए स्थापित किया गया था। यह भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय का प्रमुख संस्थान है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

भारत के ईंधन मांग में भारी कमी


पेट्रोलियम मंत्रालय के 'पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ' (Petroleum Planning and Analysis Cell) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार लॉकडाउन के कारण 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में भारत की ईंधन मांग में 9.1% की भारी कमी दर्ज की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह पहली बार है जब पेट्रोलियम की खपत में 1998-99 के बाद इतनी अधिक कमी आई है।

  • भारत ने 2019-20 में 214.12 मिलियन टन की तुलना में 2020-21 में 194.63 मिलियन टन पेट्रोलियम उत्पादों की खपत की।
  • मांग संकुचन का नेतृत्व डीजल द्वारा किया गया था, जो देश में सबसे अधिक खपत वाला ईंधन था। डीजल की खपत 12% गिरकर 72.72 मिलियन टन हो गई, जबकि पेट्रोल की माँग 6.7% बढ़कर 27.95 मिलियन टन हो गई।
  • 2020 की अंतिम तिमाही में आर्थिक गतिविधि की रिकवरी के संकेत के चलते 2020-21 में जीडीपी में 7-8% तक संकुचन का अनुमान है।

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फुकुशिमा संयत्र के दूषित पानी को समुद्र में छोड़ेगा जापान


13 अप्रैल, 2021 को जापान सरकार ने कहा कि फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से 1 मिलियन टन से अधिक दूषित पानी को समुद्र में छोड़ा जाएगा।

महत्वपूर्ण तथ्य: जापान फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से रेडियोधर्मी पानी की बड़ी मात्रा को अगले दो वर्षों में प्रशांत महासागर में छोड़ना शुरू करेगा। इस कदम का स्थानीय मछुआरों और निवासियों ने कड़ा विरोध किया है।

  • जापान ने तर्क दिया है कि 2011 में आए भूकंप और सुनामी से क्षतिग्रस्त फुकुशिमा संयंत्र को बंद करने के लिए पानी का निस्तारण अपरिहार्य है, जिसमें कई दशक का वक्त लगने का अनुमान है।
  • लगभग 1.3 मिलियन टन दूषित पानी को संयंत्र में लगभग 100 बिलियन येन (912.66 मिलियन डॉलर) की वार्षिक लागत पर विशाल टैंकों में संग्रहीत किया जा रहा है और जल्द ही इसकी भंडारण क्षमता पूर्ण हो जाएगी।
  • टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (टेपको) ने रेडियोधर्मी आइसोटोप ‘ट्राइटियम’ को छोड़कर रेडियो आइसोटोप को हटाने के लिए दूषित पानी को फिल्टर करने की योजना बनाई है। रेडियोधर्मी आइसोटोप ‘ट्राइटियम’ को पानी से अलग करने में कठिनाई होती है।
  • टेपको पानी को समुद्र में छोड़ने से पहले पानी को तब तक पतला करेगा, जब तक कि ट्राइटियम का स्तर नियामक सीमाओं से नीचे नहीं आ जाता।
  • ट्राइटियम को अपेक्षाकृत हानिरहित माना जाता है, क्योंकि यह मानव त्वचा को भेदने और अन्य परमाणु संयंत्रों के लिए पर्याप्त ऊर्जा उत्सर्जन नहीं करता है।

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समुद्री शैवाल की दो नई प्रजातियों की खोज


मार्च 2021 में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब, बठिंडा के समुद्री जीवविज्ञानियों के एक समूह द्वारा समुद्री शैवाल की दो नई प्रजातियों की खोज की गई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इनका नाम 'हिप्निया इंडिका' (Hypnea indica) और 'हिप्निया बुलैटा' (Hypnea bullata) है, समुद्री शैवाल ‘हिप्निया वंश’ या लाल समुद्री शैवाल का हिस्सा हैं।

  • वे तट के अन्तर्विभाजक क्षेत्रों में विकसित होते हैं, अर्थात् उच्च ज्वार के दौरान डूबे हुए क्षेत्र और कम ज्वार के दौरान उथले क्षेत्र में।
  • 'हिप्निया इंडिका' को तमिलनाडु में कन्याकुमारी और गुजरात में सोमनाथ पठान और शिवराजपुर में खोजा गया, जबकि 'हिप्निया बुलैटा' को कन्याकुमारी और दमन और दीव के दीव द्वीप में खोजा गया।
  • हिप्निया की प्रजातियों में बायोमोलिक्यूल कैरेजीनन (carrageenan) होता है, जिसका व्यापक रूप से खाद्य उद्योग में उपयोग किया जाता है।
  • अध्ययन में पहली बार भारतीय तट में एक अन्य हिप्निया प्रजाति 'हिप्निया निडिफिका' (Hypnea nidifica) भी दर्ज की गई।
  • वायुमंडल के कार्बन डाइऑक्साइड के समुद्र के पानी में घुलने से समुद्री जल अधिक अम्लीय हो जाता है, जिससे हिप्निया जैसे शैवाल अम्लीय समुद्री जल में जीवित नहीं रह सकते।

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सुशील चन्द्रा 24वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त


सुशील चन्द्रा ने 13 अप्रैल, 2021 को भारत के 24वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने सुनील अरोड़ा का स्थान लिया है।

  • 1980 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी चन्द्रा 15 फरवरी, 2019 से निर्वाचन आयोग में निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं।
  • वे 18 फरवरी, 2018 से परिसीमन आयोग के भी सदस्य हैं और जम्मू-कश्मीर के परिसीमन का काम देख रहे हैं। चंद्रा 2016 से 2019 तक केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष भी रहे हैं।
  • संविधान के अनुच्छेद 324 (2) के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्त को नियुक्त करने की शक्ति भारत के राष्ट्रपति के पास है।
  • चंद्रा से पहले, टी एस कृष्णमूर्ति चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त होने वाले अन्य आईआरएस अधिकारी थे। वे 2004 में 13वें मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे।

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राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल


कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 13 अप्रैल, 2021 को नर्सरी संचालकों को उपभोक्ताओं (खरीददारों) से जोड़ने के लिए 'राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल' (National Nursery Portal) शुरू किया।

  • राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा विकसित 'राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल' खरीददारों को नर्सरी से जुड़ने और गुणवत्ता रोपण सामग्री की उपलब्धता और कीमतों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा।
  • पोर्टल अपने उत्पादों के लिए बाजार की मांग का आकलन करने में नर्सरी संचालकों की भी मदद करेगा।

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ट्यूलिप फेस्टिवल


कश्मीर घाटी में, श्रीनगर में 3 से 7 अप्रैल, 2021 तक पांच दिवसीय ट्यूलिप फेस्टिवल का आयोजन किया गया।

  • श्रीनगर में विश्व प्रसिद्ध डल झील के किनारे जबरवान पहाड़ियों की तलहटी में एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है।
  • कश्मीर में 'इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन' एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है। इस ट्यूलिप गार्डन को पहले 'सिराज बाग' के नाम से जाना जाता था।
  • ट्यूलिप का मूल स्थान ईरान है, जिसे यूरोप में 17वीं शताब्दी में लाया गया था, जहाँ इसे विभिन्न किस्मों में विकसित किया गया था। नीदरलैंड्स (हॉलैंड) ट्यूलिप का सबसे बड़ा उत्पादक है।
  • ट्यूलिप का रोपण सर्दियों के मौसम की शुरुआत से पहले सितंबर से शुरू होता है और अप्रैल के मध्य तक उद्यान पूरी तरह खिल जाता है।