चैलिस ऑफ़ एम्ब्रोसिया: राम जन्मभूमि–चैलेंज एंड रिस्पॉन्स
- 21 Jan 2026
20 जनवरी, 2026 को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में “चैलिस ऑफ़ एम्ब्रोसिया: राम जन्मभूमि–चैलेंज एंड रिस्पॉन्स” नामक पुस्तक का विमोचन किया।
- यह पुस्तक भारत सरकार के पूर्व सचिव सुरेन्द्र कुमार पचौरी द्वारा लिखित है और राम जन्मभूमि आंदोलन के आधुनिक चरण का दस्तावेजीकरण करती है।
- उपराष्ट्रपति ने कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण एक निर्णायक सभ्यतागत क्षण है, जहां आस्था, इतिहास, कानून एवं लोकतांत्रिक मूल्य गरिमा व संयम के साथ एकत्रित हुए।
- उन्होंने कहा कि 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के साथ समाप्त हुई लंबी कानूनी प्रक्रिया ने भारतीय लोकतंत्र और न्यायिक समीक्षा की मजबूती को प्रदर्शित किया।
- महात्मा गांधी के रामराज्य की अवधारणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन ने न्याय, समानता और गरिमा के आदर्शों की पुनः पुष्टि की।
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