राज्यों को NIA न्यायालय स्थापित करने का निर्देश
- 11 Feb 2026
10 फरवरी, 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने 17 राज्यों को नोटिस जारी कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जिन राज्यों में 10 या उससे अधिक आतंकवाद-रोधी मामलों की सुनवाई विचाराधीन है, वहाँ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना की जाए।
प्रमुख बिंदु
- समयबद्ध जवाब: न्यायालय ने 17 राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया कि वे 3 सप्ताह के भीतर ऐसे विशेष न्यायालयों की स्थापना की स्थिति पर अपना प्रत्युत्तर प्रस्तुत करें।
- विलंब पर चिंता: पीठ ने टिप्पणी की कि मुकदमों में अत्यधिक देरी न्याय के साथ अन्याय का कारण बन सकती है, विशेषकर तब जब लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद किसी अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया जाए।
- वित्तीय सहायता योजना: गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार प्रत्येक विशेष न्यायालय के लिए एकमुश्त ₹1 करोड़ की अनावर्ती (Non-Recurring) अनुदान राशि तथा प्रति वर्ष ₹1 करोड़ की आवर्ती (Recurring) व्यय सहायता प्रदान करेगी।
- अवसंरचना सुदृढ़ीकरण: यह राशि न्यायालयों की आधारभूत संरचना के नवीनीकरण, IT उपकरणों की व्यवस्था, वाहनों की उपलब्धता तथा कर्मियों के वेतन जैसे व्ययों के लिए प्रयुक्त होगी, ताकि न्यायालयों का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
- विशेष न्यायालयों का उद्देश्य: इस पहल का लक्ष्य आतंकवाद-रोधी कानूनों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में शीघ्र सुनवाई एवं समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना है।
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