भारत–यूके के मध्य सामाजिक सुरक्षा समझौता
- 11 Feb 2026
10 फरवरी, 2026 को भारत और यूनाइटेड किंगडम ने नई दिल्ली में एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य एक-दूसरे के देश में अस्थायी नियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए दोहरे सामाजिक सुरक्षा अंशदान (Double Social Security Contributions) को रोकना है।
प्रमुख बिंदु
- समझौते का उद्देश्य: इस समझौते का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी नियुक्ति के दौरान कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को एक साथ दोनों देशों में सामाजिक सुरक्षा अंशदान न देना पड़े।
- कवरेज अवधि: यह प्रावधान उन कर्मचारियों पर लागू होगा जिन्हें दूसरे देश में अधिकतम 36 माह की अस्थायी अवधि के लिए नियुक्त किया गया है।
- पेशेवर गतिशीलता को समर्थन: यह समझौता पेशेवरों की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को सुगम बनाने के साथ-साथ उनके मूल देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज की निरंतरता बनाए रखने हेतु किया गया है।
- भारतीय पेशेवरों की सुरक्षा: भारत विभिन्न साझेदार देशों के साथ सामाजिक सुरक्षा समझौते कर रहा है, ताकि अल्पावधि के लिए विदेश में कार्यरत भारतीय कुशल श्रमिकों के हितों की रक्षा की जा सके।
- व्यापक व्यापार ढाँचे का हिस्सा: यह समझौता भारत–ब्रिटेन के व्यापक व्यापारिक ढाँचे का अंग है और जुलाई 2025 में व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर के समय की गई प्रतिबद्धता का हिस्सा था।
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