नॉवेल ओरल पोलियो वैक्सीन टाइप–2 (nOPV2)

  • 14 Feb 2026

13 फरवरी, 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पोलियो उन्मूलन के वैश्विक प्रयासों को गति प्रदान के उद्देश्य से नए नवीन “नॉवेल ओरल पोलियो वैक्सीन टाइप 2” (nOPV2) को प्रारंभिक स्वीकृति (प्री-क्वालिफिकेशन) प्रदान की।

प्रमुख बिंदु

  • प्री-क्वालिफिकेशन का महत्व: इस मंजूरी का अर्थ है कि वैक्सीन गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी है। अब UNICEF जैसी संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियाँ टीकाकरण अभियानों के लिए इसकी बड़े पैमाने पर खरीद कर सकेंगी।
  • उन्नत आनुवंशिक स्थिरता: nOPV2 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी आनुवंशिक संरचना है, इसे पूर्ववर्ती ओरल वैक्सीन की तुलना में अधिक स्थिर बनाया गया है, जिससे वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियो वायरस (VDPV) के कारण नए संक्रमण फैलने का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।
  • उन्मूलन अभियानों को मजबूती: यह वैक्सीन उन संवेदनशील क्षेत्रों में वायरस के संचरण (Transmission) को रोकने और बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने में वैश्विक अभियानों को मजबूती प्रदान करेगी।
  • वैश्विक वित्तीय समर्थन: यह विकास हाल ही में वैश्विक नेताओं द्वारा किए गए 1.9 बिलियन डॉलर के उस वादे के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य प्रतिवर्ष लगभग 37 करोड़ बच्चों का टीकाकरण कर उन्मूलन पहलों को जारी रखना है।
  • पोलियो के बारे में: पोलियो एक विकलांगता उत्पन्न करने वाली और संभावित रूप से जानलेवा बीमारी है। अनेक क्षेत्रों में इसका उन्मूलन हो चुका है, किंतु विश्व के कुछ हिस्सों में यह अब भी सक्रिय रूप से मौजूद है।