“सशक्त भारत के लिए कर्मयोग” अभियान का शुभारंभ
- 14 Feb 2026
13 फरवरी, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में ब्रह्माकुमारी संस्था के अखिल भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया और इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रव्यापी अभियान “सशक्त भारत के लिए कर्मयोग” (Karmayoga for Empowered Bharat) का शुभारंभ किया।
- रजत जयंती समारोह: राष्ट्रपति ने इसी कड़ी में गुरुग्राम स्थित ‘ओम शांति रिट्रीट सेंटर’ के रजत जयंती समारोह का भी उद्घाटन किया।
- कर्मयोग का विजन: राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में ‘कर्मयोग’ (आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरित निस्वार्थ कर्म) को राष्ट्र के सतत और समग्र विकास का आधार बताया।
- प्रगति और नैतिकता का संतुलन: उन्होंने रेखांकित किया कि वर्तमान युग में आर्थिक और तकनीकी उन्नति जितनी अनिवार्य है, उतनी ही आवश्यकता नैतिकता, करुणा और सत्यनिष्ठा की भी है। भौतिक प्रगति और मानवीय मूल्यों के बीच संतुलन ही एक आदर्श समाज की नींव है।
- संस्था के योगदान की सराहना: राष्ट्रपति ने आध्यात्मिक शिक्षा, ध्यान साधना, महिला सशक्तीकरण एवं सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा किए जा रहे वैश्विक प्रयासों की सराहना की।
- अभियान का व्यापक उद्देश्य: “सशक्त भारत के लिए कर्मयोग” अभियान का मुख्य लक्ष्य नागरिकों में मूल्य-आधारित जीवन शैली को बढ़ावा देना, नैतिक निर्णय-प्रक्रिया और राष्ट्र निर्माण में जन-भागीदारी सुनिश्चित करना है।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे



