स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0
- 16 Feb 2026
13 फरवरी, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (Startup India FoF 2.0) को ₹10,000 करोड़ के कोष के साथ स्वीकृति प्रदान की।
- इसका उद्देश्य उद्यम पूंजी (Venture Capital) निवेश को प्रोत्साहित करना और नवाचार-आधारित भारतीय स्टार्टअप पारिस्थितिक तंत्र को सशक्त बनाना है।
मुख्य बिंदु
- पूर्व सफलता पर आधारित पहल: यह नया चरण वर्ष 2016 में प्रारंभ किए गए पहले फंड ऑफ फंड्स की सफलता का विस्तार है, जिसने 145 वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) को सहयोग दिया और 1,370 से अधिक स्टार्टअप्स में ₹25,500 करोड़ से अधिक के निवेश को सक्षम बनाया।
- डीप-टेक एवं नवाचार पर विशेष ध्यान: दूसरे चरण में डीप टेक्नोलॉजी, नवाचारी विनिर्माण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें धैर्यपूर्ण और दीर्घकालिक पूंजी समर्थन की आवश्यकता होती है।
- प्रारंभिक-विकास चरण के स्टार्टअप्स को सहयोग: योजना का उद्देश्य शुरुआती वर्षों में पूंजी की कमी के कारण होने वाली विफलताओं को कम करना और उभरते स्टार्टअप्स को सुदृढ़ आधार प्रदान करना है।
- महानगरों से परे विस्तार: यह पहल संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए महानगरों के बाहर संचालित स्टार्टअप्स तक निवेश समर्थन का दायरा बढ़ाएगी।
- वेंचर कैपिटल तंत्र को मजबूती: यह कोष प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में उच्च-जोखिम पूंजी की कमी को दूर करेगा और छोटे वेंचर कैपिटल फंड्स को समर्थन देकर घरेलू निवेश पारिस्थितिक तंत्र को मजबूती प्रदान करेगा।
- स्टार्टअप परिदृश्य का तीव्र विस्तार: 2016 में स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत के समय 500 से भी कम DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स थे, जो अब बढ़कर 2 लाख से अधिक हो चुके हैं। वर्ष 2025 में सर्वाधिक वार्षिक पंजीकरण दर्ज किए गए।
- आर्थिक विकास और रोजगार को बल: यह योजना नवाचार-प्रेरित विकास, सशक्त विनिर्माण क्षमता, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम प्रौद्योगिकियों के विकास को गति प्रदान करेगी।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे



