आदित्य पांड्या

  • 16 Feb 2026

1 से 8 फरवरी, 2026 के दौरान 17 वर्षीय आदित्य पांड्या ने गुजरात के धौलावीरा में 8 दिवसीय “लूनर सिमुलेशन मिशन” (चंद्रमा जैसी परिस्थितियों का अभ्यास) को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस उपलब्धि के साथ ही वे भारत के सबसे युवा ‘एनालॉग अंतरिक्ष यात्री’ (Analogue Astronaut) बन गए।

  • एनालॉग अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर ही अंतरिक्ष अभियानों जैसी परिस्थितियों का अनुकरण करते हैं, ताकि चरम वातावरण में प्रणालियों, जीवित रहने की तकनीकों और मानवीय व्यवहार का परीक्षण किया जा सके।
  • मिशन के दौरान पांड्या ने सीमित संसाधनों और नियंत्रित संचार व्यवस्था वाले कंटेनर-आधारित, चंद्रमा जैसे आवास में पूर्ण एकांत में निवास किया।
  • धौलावीरा का मरुस्थलीय भू-भाग उसकी कठोर और एकांत परिस्थितियों के कारण चुना गया, जो बाह्य-ग्रहीय वातावरण से साम्य रखते हैं।
  • मिशन की तैयारी में तकनीकी एवं मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण के साथ आपातकालीन प्रक्रियाओं और प्रणाली निगरानी का विशेष अभ्यास शामिल था।