‘पीएम राहत’ योजना का शुभारंभ

  • 16 Feb 2026

14 फरवरी, 2026 को भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को देशभर में कैशलेस और समयबद्ध चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘पीएम राहत’ [PM RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment)] योजना की शुरुआत की।

प्रमुख बिंदु

  • कैशलेस उपचार सुविधा: योजना के तहत प्रत्येक पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का निशुल्क (कैशलेस) उपचार प्रदान किया जाएगा।
  • ‘गोल्डन ऑवर’ पर विशेष ध्यान: योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित अस्पताल पहुँच सुनिश्चित करना है, क्योंकि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से लगभग आधी मौतों को रोका जा सकता है।
  • ERSS 112 के माध्यम से सहायता: पीड़ित, ‘गुड सेमेरिटन’ अथवा प्रत्यक्षदर्शी 112 हेल्पलाइन पर कॉल कर निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और तत्काल एम्बुलेंस सेवा का अनुरोध कर सकते हैं।
  • आपातकालीन स्थिरीकरण उपचार: गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे तक तथा जीवन-घातक स्थितियों में 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जो पुलिस सत्यापन के अधीन होगा।
  • प्रौद्योगिकी-आधारित क्रियान्वयन: योजना में इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (eDAR) प्लेटफॉर्म को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट प्रणाली के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे दुर्घटना रिपोर्टिंग से लेकर अस्पताल उपचार और दावा निपटान तक निर्बाध समन्वय सुनिश्चित होगा।
  • मोटर वाहन दुर्घटना कोष (MVAF) से वित्तपोषण: अस्पतालों को भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष के माध्यम से किया जाएगा। बीमित मामलों में बीमा कंपनियाँ योगदान देंगी, जबकि बिना बीमा और ‘हिट एंड रन’ मामलों में सरकारी सहायता उपलब्ध होगी।
  • समयबद्ध दावा निपटान: राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा अनुमोदित दावों का निपटान 10 दिनों के भीतर किया जाएगा, जिससे अस्पतालों को वित्तीय निश्चितता और निर्बाध आपातकालीन सेवा सुनिश्चित होगी।
  • जिला स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र: जिला सड़क सुरक्षा समिति के अंतर्गत एक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो शिकायतों का समाधान कर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।