भारत–ब्राजील शिखर वार्ता: रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा
- 23 Feb 2026
21 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा के मध्य द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई।
वार्ता के प्रमुख आयाम एवं रणनीतिक बिंदु
- चर्चा के व्यापक आयाम: दोनों नेताओं के मध्य व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, कृषि, जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर और ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ (महत्वपूर्ण खनिज) जैसे भविष्योन्मुखी विषयों पर गहन विमर्श हुआ।
- 10 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित: इस यात्रा के दौरान कुल 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल सहयोग, पारंपरिक ज्ञान, स्वास्थ्य, MSME विकास और उद्यमिता जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
- व्यापार लक्ष्य: आगामी 5 वर्षों के भीतर द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब (बिलियन) डॉलर के पार ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में, लैटिन अमेरिका में ब्राजील भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): भारत और ब्राजील मिलकर ब्राजील में एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने पर काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी-प्रेरित शासन मॉडल (Technology-Driven Governance Model) को और सशक्त बनाना है।
- रक्षा एवं सामरिक सहयोग: दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग में हो रही निरंतर प्रगति की सराहना की, जो दोनों देशों के मध्य बढ़ते सामरिक विश्वास और तालमेल का प्रमाण है।
वैश्विक दृष्टिकोण एवं बहुपक्षीय मंच
- ग्लोबल साउथ की सामूहिक आवाज़: दोनों नेताओं ने एक समावेशी एवं बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई और ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के हितों को वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाने पर बल दिया।
- संयुक्त राष्ट्र में सुधार: भारत और ब्राजील ने संयुक्त राष्ट्र, विशेषकर सुरक्षा परिषद (UNSC) में तत्काल सुधारों की मांग की। साथ ही, आतंकवाद के विरुद्ध अपनी शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति को फिर से पुख्ता किया।
- साझा मंच: दोनों देशब्रिक्स (BRICS), इब्सा (IBSA), G20, G-4 और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मंचों पर अपना समन्वय जारी रखेंगे।
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